देहरादून से लेकर धर्मनगरी हरिद्वार तक, न्यायपालिका को निशाना बनाने की धमकियों ने प्रशासन के हाथ-पांव फूले

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हरिद्वार जिला न्यायालय: 12 RDX बमों का खौफनाक दावा

​हरिद्वार में स्थिति सबसे ज्यादा संवेदनशील बनी हुई है। जिला न्यायालय को एक अज्ञात ईमेल प्राप्त हुआ, जिसने पूरी पुलिस फोर्स को सड़क पर उतरने के मजबूर कर दिया।

​धमकी की गंभीरता: ईमेल में दावा किया गया कि कोर्ट परिसर के भीतर 12 RDX IED (Improvised Explosive Devices) प्लांट किए गए हैं। यह कोई सामान्य धमकी नहीं थी, क्योंकि इसमें विस्फोटक के प्रकार और संख्या का स्पष्ट जिक्र था।

​ईडब्ल्यूएस (EWS) आरक्षण का लिंक: चौंकाने वाली बात यह है कि इस धमकी के पीछे EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) आरक्षण के मुद्दे का उल्लेख किया गया है। जांच एजेंसियां अब इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि क्या यह किसी असामाजिक तत्व की शरारत है या इसके पीछे कोई गहरी साजिश।

​ग्राउंड जीरो पर एक्शन: एसपी सिटी (SP City) की अगुवाई में भारी पुलिस बल, बम निरोधक दस्ता (BDDS) और डॉग स्क्वायड ने पूरे कोर्ट परिसर की घेराबंदी की। कोर्ट की कार्यवाही को कुछ समय के लिए रोक दिया गया और हर एक कमरे, अलमारी और वाहन की तलाशी ली गई।

देहरादून जिला कोर्ट: ईमेल से मिली दहशत

​हरिद्वार के साथ-साथ देहरादून जिला कोर्ट को भी इसी तरह का एक धमकी भरा ईमेल भेजा गया। राजधानी होने के नाते यहाँ सुरक्षा का घेरा और अधिक कड़ा कर दिया गया।

​परिसर को खाली कराना: जैसे ही ईमेल की सूचना मिली, सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत तुरंत पूरे परिसर को खाली कराया गया। वकीलों और वादकारियों (Litigants) को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

​सर्च ऑपरेशन: पुलिस ने तकनीकी विशेषज्ञों की मदद ली ताकि ईमेल के IP एड्रेस को ट्रैक किया जा सके। घंटों चली सघन चेकिंग के बाद, देहरादून में कोई विस्फोटक नहीं मिला, लेकिन पुलिस ने इसे ‘मॉक ड्रिल’ मानकर हल्के में लेने के बजाय सुरक्षा के कड़े निर्देश जारी किए हैं।

सुरक्षा प्रशासन की जवाबी कार्रवाई

​इन दोहरे खतरों के बाद पूरे उत्तराखंड में ‘हाई अलर्ट’ जारी कर दिया गया है।

सतर्कता: रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों और भीड़भाड़ वाले बाजारों में सादी वर्दी में पुलिस तैनात की गई है।

कानूनी कार्रवाई: अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ आतंकवाद विरोधी धाराओं और शांति भंग करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। साइबर सेल उन कड़ियों को जोड़ने में जुटी है जिनसे यह ईमेल भेजे गए थे।

जनता के लिए निर्देश: प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात वस्तु, बैग या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत 112 पर दें।

हालांकि शुरुआती जांच में कोई बम बरामद नहीं हुआ है, लेकिन न्यायपालिका जैसे महत्वपूर्ण संस्थान को निशाना बनाने की यह कोशिश राज्य की आंतरिक सुरक्षा के लिए एक बड़ी चुनौती बनकर उभरी है।