
हरिद्वार, 25 फरवरी 2026 (सू वि) नगर निगम हरिद्वार ने विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित उन खबरों का खंडन किया है, जिनमें दावा किया गया था कि निगम द्वारा एकत्रित कूड़े को वन क्षेत्र में फेंका जा रहा है। निगम प्रशासन ने इन खबरों को पूरी तरह भ्रामक और तथ्यहीन करार देते हुए स्पष्ट किया है कि निगम केवल स्वच्छता अभियान में सहयोग कर रहा था।
क्या है पूरा मामला?
हाल ही में गाजीवाली ग्राम में स्वच्छता अभियान चलाया गया था। नगर निगम के अनुसार:
- केवल मैनपावर का सहयोग: निगम ने ग्रामवासियों की मांग पर केवल श्रमिक (मैनपावर) उपलब्ध कराए थे।
- कूड़ा निस्तारण की जिम्मेदारी: स्वच्छ ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में कूड़े के निस्तारण की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की होती है।
- परिवहन व्यवस्था: एकत्रित कूड़े को ग्राम पंचायत द्वारा उपलब्ध कराए गए वाहनों के माध्यम से ही निर्धारित स्थल तक पहुँचाया गया। निगम ने केवल एक जेसीबी मशीन सहयोग स्वरूप दी थी।
नियमों का हवाला और स्पष्टीकरण
नगर निगम ने स्पष्ट किया कि निगम किसी भी ग्रामीण क्षेत्र का कूड़ा नगर क्षेत्र में निस्तारण हेतु नहीं लाता है। यदि कोई ग्राम पंचायत निगम की सेवाओं का उपयोग करना चाहती है, तो उसे निर्धारित शुल्क चुकाना होता है, जिसके बाद ही नियमों के तहत निस्तारण किया जाता है।
”निगम द्वारा कूड़े का कोई परिवहन वन क्षेत्र में नहीं किया गया। इस प्रकार की अपुष्ट खबरों से स्वच्छता कार्य में जुटे कर्मचारियों के मनोबल पर विपरीत प्रभाव पड़ता है।”
— नगर निगम प्रशासन, हरिद्वार
मीडिया से अपील
निगम ने सभी समाचार माध्यमों से अनुरोध किया है कि भविष्य में इस तरह की खबरें प्रकाशित करने से पहले निगम का आधिकारिक पक्ष अवश्य लें, ताकि जनता के बीच भ्रामक स्थिति पैदा न हो। नगर निगम ने दोहराया कि वह स्वच्छता और जनसहभागिता के लिए प्रतिबद्ध है और ग्रामीण स्तर पर सहयोग जारी रखेगा।













