बागेश्वर: जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे ने गुरुवार को तहसील कांडा का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कार्यालय में भारी अव्यवस्थाएं और कर्मचारियों की अनुपस्थिति मिलने पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई।
प्रमुख कार्रवाई और निर्देश:
- वेतन पर रोक: लापरवाही और ड्यूटी से गायब रहने पर तहसीलदार समेत अन्य अनुपस्थित कर्मचारियों के वेतन आहरण पर तत्काल रोक लगा दी गई है।
- अभिलेखों में खामियां: डिस्पैच रजिस्टर और पत्र प्राप्ति रजिस्टर का संधारण सही न पाए जाने पर फटकार लगाई गई। साथ ही आपदा मद, जीपीएफ और सेवा पुस्तिकाओं की गहन जांच की गई।
- ठप मिला कंट्रोल रूम: निरीक्षण में तहसील का कंट्रोल रूम फोन खराब मिला और व्यवस्थाएं बदहाल थीं, जिसे तुरंत दुरुस्त करने के आदेश दिए गए।
- लंबित मामले: डीएम ने पेशकार को केस डायरी के सभी लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए।
- निर्माण कार्य का जायजा: तहसील के समीप निर्माणाधीन न्यायालय एवं आवासीय भवनों की प्रगति जांची और गुणवत्ता के साथ समय पर कार्य पूर्ण करने को कहा।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शासकीय कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जनता को पारदर्शी सेवाएं देना प्रशासन की प्राथमिकता है।














