पहाड़ से मैदान तक रसोई की चिंता: क्या वाकई कम है उत्तराखंड में एलपीजी का स्टॉक?

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 सीएम की सख्ती: गैस की कालाबाजारी पर रोक, देहरादून-हरिद्वार में ऑफलाइन बुकिंग शुरू

उत्तराखंड के विभिन्न शहरों में वर्तमान में गैस (LPG) की स्थिति को लेकर मिली-जुली खबरें आ रही हैं। मध्य-पूर्व (Middle East) के संकट के कारण आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित होने की अफवाहों और कुछ हद तक आपूर्ति में कमी के चलते राज्य में स्थिति संवेदनशील बनी हुई है।

आज (15 मार्च 2026) की ताजा रिपोर्टों के अनुसार, शहरों की स्थिति इस प्रकार है:

1. प्रमुख शहरों की स्थिति (देहरादून, हरिद्वार, उधम सिंह नगर)

  • देहरादून: यहाँ घरेलू गैस की भारी मांग देखी जा रही है। जिला प्रशासन ने वितरण को सुचारू बनाने के लिए गैस गोदामों से सीधे वितरण बंद कर डोर-टू-डोर डिलीवरी को अनिवार्य किया है। ऑनलाइन बुकिंग और ओटीपी (OTP) की समस्याओं को देखते हुए मुख्यमंत्री के निर्देश पर अब ऑफलाइन बुकिंग की सुविधा भी दी गई है।
  • हरिद्वार और उधम सिंह नगर: इन मैदानी जिलों में घरेलू गैस की स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन कमर्शियल गैस (19kg) की भारी किल्लत है। कई होटल और रेस्टोरेंट संचालकों ने लकड़ी या कोयले का उपयोग करना शुरू कर दिया है। हरिद्वार में आपात स्थिति के लिए पहचान पत्र दिखाकर 5 किलो के छोटे सिलेंडर लेने की सुविधा दी जा रही है।

2. पर्वतीय क्षेत्र (उत्तरकाशी, पौड़ी, अल्मोड़ा, नैनीताल)

  • आपूर्ति का अंतराल: ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों में दो सिलेंडरों के बीच की अवधि (Refill Interval) को बढ़ाकर 45 दिन कर दिया गया है, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 25 दिन है।
  • पर्यटन पर असर: नैनीताल और उत्तरकाशी जैसे शहरों में होटल एसोसिएशन ने कमर्शियल गैस की कमी पर चिंता जताई है। हालांकि, पौड़ी और अल्मोड़ा के जिला प्रशासन का दावा है कि उनके पास घरेलू गैस का पर्याप्त स्टॉक है और लोग पैनिक बुकिंग न करें।

3. गैस की कीमतें (मार्च 2026)

​हाल ही में कीमतों में ₹60 की वृद्धि हुई है। वर्तमान अनुमानित दरें (14.2 किलो) इस प्रकार हैं:

| शहर | घरेलू सिलेंडर (लगभग) |

| :— | :— |

| देहरादून | ₹932.00 |

| अल्मोड़ा | ₹950.50 |

| नैनीताल | ₹945 – ₹950 |

| हरिद्वार | ₹932 – ₹940 |

महत्वपूर्ण बिंदु और सरकारी निर्देश:

  • अफवाहों पर ध्यान न दें: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया है कि घरेलू गैस की कोई कमी नहीं है। आपूर्ति को प्राथमिकता के आधार पर घरों तक पहुँचाया जा रहा है।
  • कालाबाजारी पर कार्रवाई: पूरे राज्य में विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। अब तक कई स्थानों पर छापेमारी कर अवैध रिफिलिंग और कालाबाजारी के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।
  • कमर्शियल संकट: कमर्शियल सिलेंडर की कमी के कारण छोटे खाद्य विक्रेताओं और मिठाई की दुकानों पर असर पड़ा है।

सावधानी: यदि आपको बुकिंग में दिक्कत आ रही है, तो आप अपनी संबंधित गैस एजेंसी पर जाकर मैनुअल बुकिंग करवा सकते हैं।