अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव: डॉ. राधिका नागरथ सम्मानित, देश-विदेश के साधकों को सिखाए योग के गुर

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हरिद्वार/ऋषिकेश:

ऋषिकेश के परमार्थ निकेतन में आयोजित 38वें अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव 2026 का समापन समारोह हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर भारतीय संस्कृति और योग को वैश्विक पटल पर पहचान दिलाने के लिए हरिद्वार की प्रसिद्ध योगाचार्य, लेखिका एवं पतंजलि योगपीठ की प्रबंधक डॉ. राधिका नागरथ को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।

सम्मान समारोह

​डॉ. राधिका नागरथ को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए ब्राजील के प्रसिद्ध अंतर्राष्ट्रीय योगाचार्य प्रेम बाबा और परमार्थ निकेतन की मुख्य संयोजिका साध्वी डॉ. भगवती सरस्वती ने शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इसी मंच पर लॉस एंजेलिस (अमेरिका) के शिक्षाविद डॉ. क्रिस्टोफर को भी सम्मानित किया गया। डॉ. नागरथ इससे पूर्व अमेरिका, इंग्लैंड, कनाडा, जर्मनी और दुबई जैसे देशों में भारतीय संस्कृति पर व्याख्यान दे चुकी हैं।

योग सत्रों का मुख्य आकर्षण

​महोत्सव के दौरान डॉ. राधिका नागरथ ने दो दिनों तक विभिन्न देशों से आए जिज्ञासुओं को योग की सूक्ष्म विधाओं से परिचित कराया:

  • पंचकोष संतुलन: उन्होंने शरीर के पांचों कोषों के बीच संतुलन बनाने और तनाव मुक्त जीवन के लिए ‘माइंड साउंड रेजोनेंस तकनीक’ का अभ्यास कराया।
  • हस्त मुद्रा विज्ञान: योग घाट पर साधकों को संबोधित करते हुए उन्होंने बताया कि मानव शरीर पाँच तत्वों (पृथ्वी, जल, वायु, अग्नि और आकाश) से बना है। उन्होंने ‘प्राणिक मुद्रा’ के माध्यम से उंगलियों द्वारा इन तत्वों को संतुलित करने की विधि सिखाई।
  • मानसिक शांति: ‘ओम्’ की प्रतिध्वनि और योगिक जॉगिंग के सत्रों को विदेशी साधकों ने मानसिक शांति के लिए अत्यंत लाभकारी बताया।

आगामी कार्यक्रम

​डॉ. राधिका नागरथ का योग प्रचार का यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। वह 20 मार्च को उत्तराखंड के गढ़वाल मंडल विकास निगम (GMVN) द्वारा गंगा रिसॉर्ट में आयोजित होने वाली योग कक्षा में भी अपने विचार साझा करेंगी और साधकों को प्रशिक्षित करेंगी।