धामी सरकार की बड़ी उपलब्धि: ऋषिकेश में बनेगा 12.6 किमी लंबा 4-लेन बाईपास

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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों से राज्य में विकास और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में दो बड़ी उपलब्धियां सामने आई हैं। एक ओर जहां ऋषिकेश के लिए भारी-भरकम बजट वाली सड़क परियोजना को मंजूरी मिली है, वहीं दूसरी ओर चम्पावत जनपद को करोड़ों की विकास योजनाओं की सौगात दी गई है।

ऋषिकेश बाईपास: 1105 करोड़ की बड़ी सौगात

​भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने ऋषिकेश बाईपास के 4-लेन निर्माण के लिए 1105.79 करोड़ रुपये की वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी है।

  • परियोजना का विवरण: यह बाईपास राष्ट्रीय राजमार्ग-7 पर टीनपानी फ्लाईओवर से खरासोटे पुल तक बनाया जाएगा, जिसकी कुल लंबाई 12.67 किलोमीटर होगी।
  • मार्ग: यह सड़क भट्टोवाला और ढालवाला गांवों से होकर गुजरेगी।
  • समय सीमा: इस कार्य को 3 वर्ष की अवधि में ‘इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एवं कंस्ट्रक्शन’ (EPC) मोड पर पूरा किया जाएगा।
  • लाभ: इस बाईपास के बनने से ऋषिकेश में जाम की समस्या खत्म होगी और चारधाम यात्रा के साथ-साथ पर्यटन गतिविधियों को भी गति मिलेगी।

चम्पावत का विकास: 36.83 करोड़ की योजनाएं

​मुख्यमंत्री ने चम्पावत जनपद को ‘आदर्श जनपद’ बनाने के संकल्प के साथ 36.83 करोड़ रुपये की 17 विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।

प्रमुख घोषणाएं और कार्य:

  • लोकार्पण एवं शिलान्यास: 7.12 करोड़ की 4 योजनाओं का लोकार्पण और 29.71 करोड़ की 13 योजनाओं का शिलान्यास किया गया।
  • राष्ट्रीय ध्वज: गांधी चौक पर 100 फीट ऊंचे तिरंगे का अनावरण किया गया।
  • स्वास्थ्य एवं शिक्षा: जिला चिकित्सालय में 20 करोड़ से क्रिटिकल केयर यूनिट और 57 करोड़ की लागत से साइंस सेंटर का निर्माण किया जा रहा है।
  • खेल एवं पर्यटन: लोहाघाट में 257 करोड़ की लागत से राज्य का पहला महिला स्पोर्ट्स कॉलेज निर्माणाधीन है। साथ ही गोलज्यू कॉरिडोर और शारदा कॉरिडोर पर भी कार्य गतिमान है।

विकास के प्रति प्रतिबद्धता

​मुख्यमंत्री धामी ने इन योजनाओं को उत्तराखंड की समृद्धि की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना और राज्य के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाना है। इन परियोजनाओं से न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार और आर्थिक विकास के नए अवसर भी पैदा होंगे।