हरिद्वार। जिला कांग्रेस कमेटी (अनुसूचित जाति विभाग) द्वारा रविवार को ग्राम अलीपुर बहादराबाद में पूर्व उप प्रधानमंत्री और महान स्वतंत्रता सेनानी बाबू जगजीवन राम की 118वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस अवसर को ‘समता दिवस’ के रूप में मनाते हुए उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया।
देश की प्रगति में बाबूजी का अतुलनीय योगदान
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष बालेश्वर सिंह और तीर्थपाल रवि ने कहा कि बाबू जगजीवन राम का देश की आजादी में महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने न केवल स्वतंत्रता संग्राम में जेल की यात्राएं सहीं, बल्कि आजाद भारत में उप प्रधानमंत्री, रक्षा, कृषि और रेल मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए राष्ट्र निर्माण में अपनी छाप छोड़ी।
नेताओं ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि:
- सामाजिक न्याय: बाबूजी ने शोषित और वंचित वर्गों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए सरकारी विभागों में ‘स्पेशल भर्ती’ अभियान चलाए।
- धार्मिक एवं सांस्कृतिक आस्था: वे मां गंगा और संत रविदास के अनन्य भक्त थे। उन्होंने हरिद्वार और बनारस में संत शिरोमणि रविदास जी की प्रतिमा स्थापित करवाई और श्रद्धालुओं के लिए धर्मशालाओं का निर्माण कराया।
1971 की विजय और समाज सुधार
पूर्व ब्लॉक प्रमुख प्रियव्रत और मनोज सैनी ने बाबूजी को एक महान समाज सुधारक बताया। उन्होंने कहा कि 1971 के युद्ध में बांग्लादेश को स्वतंत्र कराने में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और रक्षा मंत्री बाबू जगजीवन राम की रणनीतिक सूझबूझ को कभी भुलाया नहीं जा सकता। केंद्र में विभिन्न मंत्रालयों के कार्यभार के दौरान उन्होंने समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के लिए जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित कीं।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख गणमान्य
इस जन्मोत्सव कार्यक्रम में भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और क्षेत्रीय नेता उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल थे:
- वरिष्ठ नेता: संजय सैनी, सतपाल सैनी, तिलुराम प्रधान, अजीत सिंह, विकास सिंह।
- संगठन पदाधिकारी: श्रीमती पिंकी सिंह (अध्यक्ष, महिला मोर्चा), एडवोकेट पवन कुमार उर्फ पप्पू, बीपीएस तेजयान।
- अन्य कार्यकर्ता: सीपी सिंह, अमित सिंघानिया, सत्यपाल सिंह, सीताराम अंबेडकर, ब्रह्मानंद पूर्व प्रधान, वीरेंद्र श्रमिक, नितिन तेश्वर, संदीप कुमार चौहान, नफीस अहमद और बृजपाल आदि।
सभी उपस्थित जनों ने बाबू जगजीवन राम के बताए मार्ग पर चलने और समाज में समानता स्थापित करने का संकल्प लिया।














