
हरिद्वार: आगामी 30 जुलाई से शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और स्वच्छ ढंग से संपन्न कराने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को हरिद्वार स्थित मेला नियंत्रण भवन सभागार में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए सभी व्यवस्थाएं समय रहते और पूर्ण समन्वय व संवेदनशीलता के साथ पूरी की जाएं।
मुख्यमंत्री ने ‘सुरक्षित कांवड़, सुव्यवस्थित कांवड़ और स्वच्छ कांवड़’ के लक्ष्य के साथ कार्य करने पर जोर दिया। उन्होंने महिला श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त संख्या में ‘पिंक टॉयलेट्स’ स्थापित करने, संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल, ड्रोन, सीसीटीवी और एआई निगरानी प्रणाली तैनात करने तथा कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों व अफवाह फैलाने वालों पर कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए प्रमुख घाटों पर वाटर एंबुलेंस, मेडिकल कैंप, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और जल पुलिस को अलर्ट मोड पर रखने को कहा गया है। इसके अलावा, ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए पृथक प्लान बनाने के निर्देश दिए गए, ताकि वीआईपी मूवमेंट से श्रद्धालुओं को परेशानी न हो।
बैठक में मुख्यमंत्री ने नो-प्लास्टिक अभियान चलाने, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांचने और होटलों व ढाबों पर लाइसेंस प्रदर्शित करने के भी स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के कारण आगामी महाकुंभ-2027 की तैयारियों में कोई रुकावट नहीं आनी चाहिए। इस समीक्षा बैठक में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, विभिन्न जन-प्रतिनिधियों, साधु-संतों, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन सहित शासन एवं प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।













