हरिद्वार। श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े ने कनखल स्थित हरिहर आश्रम में आयोजित एक विशेष समारोह में शिवशक्ति धाम डासना के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी महाराज की शिष्या डॉ. उदिता त्यागी को महामंडलेश्वर पद पर अभिषिक्त किया। अब उन्हें महामंडलेश्वर यति मां प्रत्यंगिरा गिरी के नाम से जाना जाएगा।
इस दीक्षा संस्कार में जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी महाराज, वरिष्ठ अध्यक्ष श्रीमहंत स्वामी प्रेम गिरी महाराज और अंतर्राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमहंत स्वामी महेश पुरी महाराज सहित कई वरिष्ठ संत उपस्थित रहे। आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी ने सभी पारंपरिक संस्कार पूर्ण कराने के बाद उन्हें नया नाम प्रदान किया और कहा कि यति नरसिंहानंद गिरी जी का संघर्ष सनातन धर्म की रक्षा के लिए है, जो संन्यासी का मूल कर्तव्य है। उन्होंने नव-नियुक्त महामंडलेश्वर से अपने गुरु के सिद्धांतों पर चलते हुए धर्म सेवा का आह्वान किया।
अभिषेक के पश्चात उन्हें श्रीमहाकाली पीठ हनुमत धाम मुरादनगर का पीठाधीश्वर भी घोषित किया गया। शपथ लेने के बाद महामंडलेश्वर यति मां प्रत्यंगिरा गिरी ने कहा, “जियूँगी तो सनातन धर्म के लिए और मरूंगी तो सनातन धर्म के लिए।” समारोह के बाद उन्होंने संतों संग माया देवी और आनंद भैरव मंदिर में दर्शन-पूजन किया।
शैक्षणिक रूप से प्रतिभाशाली डॉ. उदिता त्यागी रुहेलखंड विश्वविद्यालय की सर्वोच्च अंक प्राप्तकर्ता रही हैं और दो विषयों में पीएचडी हैं। वह ब्यूटी कॉन्टेस्ट विजेता रहने के साथ-साथ पूर्व में भाजपा से भी जुड़ी रही हैं।













