हरिद्वार में आयोजित महापंचायत में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने वन गुर्जरों के हक की लड़ाई मजबूती से लड़ने का ऐलान किया है। उन्होंने ऋषिकेश में हो रही जंगलों की कटाई पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जंगलों और उन पर आश्रित रहने वाले लोगों के अधिकारों का हनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बहादराबाद टोल प्लाजा पर किसानों द्वारा किए गए स्वागत के बाद मीडिया से बातचीत में टिकैत ने कई अहम मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखी:
- छात्रों पर लाठीचार्ज: दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए बल प्रयोग को उन्होंने बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया। टिकैत ने कहा कि जब सरकार जनता की आवाज नहीं सुनती, तब आंदोलन ही एकमात्र जरिया बचता है। सोनम वांगचुक के अनशन का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि तानाशाही सरकार के सामने भूख हड़ताल के बजाय आंदोलन ही प्रभावी रास्ता है।
- कांवड़ यात्रा को लेकर अपील: आगामी कांवड़ यात्रा के मद्देनजर उन्होंने प्रशासन से शिवभक्तों के साथ सहयोगात्मक और सम्मानजनक व्यवहार करने की अपील की। इसके साथ ही उन्होंने श्रद्धालुओं से भी अनुरोध किया कि वे बहुत भारी-भरकम कांवड़ न उठाएं ताकि यात्रा शांतिपूर्वक और बिना कठिनाई के संपन्न हो सके।
- समय से पहले चुनाव का दावा: उत्तराखंड की राजनीति पर बात करते हुए राकेश टिकैत ने दावा किया कि राज्य में विधानसभा चुनाव तय समय से पहले इसी साल नवंबर या दिसंबर में कराए जा सकते हैं। उन्होंने सरकार पर जनता को गुमराह करने का आरोप भी लगाया।
- वंदे मातरम पर बयान: संसद में पेश विधेयक और “वंदे मातरम” के मुद्दे पर उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस देश में रहने वाले किसी भी नागरिक को वंदे मातरम बोलने में कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए, क्योंकि यह राष्ट्र के सम्मान और देशभक्ति से जुड़ा मामला है।













