हरिद्वार में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सोमवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य के विकास, प्रशासनिक सुधारों और जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी है। सीसीआर हरिद्वार में आयोजित इस बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए:
- प्रधानमंत्री और केंद्र का आभार: उत्तराखण्ड के समग्र विकास में निरंतर सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
- प्राच्य शोध संस्थान का विकास: हरिद्वार के ऋषिकुल स्थित श्री मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान के विस्तार के लिए सोसायटी के गठन को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई। इसे योग, आयुर्वेद, ज्योतिष, ललित कला और आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
- परिसंपत्तियों के मुद्रीकरण पर निर्णय: उत्तराखण्ड निवेश और आधारिक संरचना विकास अधिनियम की अनुसूची में संशोधन कर सार्वजनिक अभिकरणों और निकायों की संपत्तियों के मुद्रीकरण से प्राप्त आय का 92 प्रतिशत हिस्सा संबंधित संस्थाओं को देने का प्रावधान किया गया है।
- व्यापार सुगमता और जन विश्वास विधेयक: ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने और छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने के उद्देश्य से द्वितीय ‘उत्तराखंड जन विश्वास संशोधन विधेयक, 2026’ को विधानसभा में प्रस्तुत करने की स्वीकृति दी गई।
- बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण नियमावली: बाढ़ संभावित क्षेत्रों में भूमि के उपयोग और विकास गतिविधियों को विनियमित करने के लिए ‘उत्तराखंड बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण नियमावली, 2026’ को मंजूरी मिली है।
- विधानसभा सत्र: उत्तराखंड की पंचम विधानसभा के वर्ष 2026 के तृतीय सत्र को आहूत करने की मंजूरी दी गई है, जिसकी तिथि और स्थान तय करने के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया है।
- अग्निशमन सेवा विधेयक: औद्योगिक विकास और आपदाओं की चुनौतियों को देखते हुए ‘उत्तराखंड अग्निशमन एवं आपात सेवा विधेयक, 2026’ लाने का निर्णय लिया गया है।
- अग्निवीरों के लिए आरक्षण नियमावली: राज्य के समूह ‘ग’ के वर्दीधारी पदों पर सेवामुक्त अग्निवीरों के समायोजन के लिए नई क्षैतिज आरक्षण नियमावली, 2026 को मंजूरी दी गई, जिसमें लिखित और शारीरिक मानक परीक्षा में छूट का प्रावधान है।
- संस्कृति विभाग के अधिकार: संस्कृति विभाग के वित्तीय अधिकारों के संचालन के लिए विभागाध्यक्ष के रूप में ‘महानिदेशक, संस्कृति निदेशालय’ को प्रतिस्थापित करने के संशोधन को मंजूरी मिली।
- स्वजल योजना के पद: स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत स्वजल और राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के 215 पदों की निरंतरता 1 मार्च 2026 से 28 फरवरी 2027 तक बढ़ा दी गई है।
- आवासीय परियोजना को राहत: हरिद्वार के भगवानपुर तहसील के सिसौना में प्रस्तावित किफायती आवासीय परियोजना के पहुंच मार्ग की चौड़ाई में 3 मीटर की शिथिलता प्रदान की गई है।
- ऊधमसिंह नगर में त्रुटि सुधार: बाजपुर तहसील के भौना इस्लामनगर में भू-उपयोग परिवर्तन से संबंधित शासनादेश में खसरा संख्या की त्रुटि को सुधारने की अनुमति दी गई।
- बाल वीरता पुरस्कार योजना: विपरीत परिस्थितियों में असाधारण साहस और वीरता का परिचय देने वाले बच्चों को सम्मानित करने के लिए ‘मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना’ को मंजूरी दी गई।















