देहरादून। कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ऋषिपर्णा सभागार में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में ‘समाधान दिवस’ का आयोजन किया गया। जनसुनवाई के दौरान विभिन्न विभागों से जुड़ी कुल 92 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें बुजुर्गों की प्रताड़ना, संपत्ति हड़पने, भूमि विवाद, पेंशन में देरी और आर्थिक सहायता से जुड़े मामले प्रमुख रहे।
-
वरिष्ठ नागरिकों की व्यथा: 89 वर्षीय राजन सूद ने अपने बेटे द्वारा धोखे से पूरी संपत्ति अपने नाम कराने, ₹15 लाख लेने और मारपीट कर बेघर करने का आरोप लगाया। इस पर डीएम ने एसडीएम सदर को भरण-पोषण अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं, सेलाकुई निवासी 68 वर्षीय शंभू प्रसाद की शिकायत पर लैंड फ्रॉड के तहत मामला दर्ज कराया गया।
-
अन्य शिकायतें व निर्देश: भूमि पर अवैध कब्जा, मुआवजा न मिलने, अवैध शराब और दुकानों से जुड़ी शिकायतों पर संबंधित अधिकारियों को त्वरित जांच एवं निस्तारण के आदेश दिए गए।
-
जनसुविधाएं: जिलाधिकारी ने बिजली-पानी के बिल हर महीने जारी करने, पेंशनरों को समय से पेंशन देने, स्ट्रीट लाइट व सड़कों की मरम्मत में तेजी लाने और आपदा राहत कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए।
सरस फूड फेस्टिवल में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने दर्ज की ₹1 करोड़ से अधिक की बिक्री
देहरादून। ग्राम्य विकास विभाग और जिला प्रशासन देहरादून के तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय ‘सरस फूड फेस्टिवल’ ग्रामीण महिलाओं की आजीविका को सशक्त बनाने का एक प्रभावी मंच साबित हुआ। इस आयोजन में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने ₹1,01,00,692 (एक करोड़ एक लाख छियानवे) से अधिक का टर्नओवर अर्जित किया।
-
व्यापक सहभागिता: मेले में कुल 200 से अधिक स्टॉल लगाए गए, जिनमें उत्तराखंड के सभी 13 जनपदों के साथ-साथ देश के 17 अन्य राज्यों से आए स्वयं सहायता समूहों ने भाग लिया।
-
संस्कृति व स्वरोजगार को बढ़ावा: महिलाओं ने अपने पारंपरिक व्यंजनों, पहाड़ी उत्पादों, हस्तशिल्प और स्थानीय वस्तुओं की बिक्री की।
-
महिला सशक्तिकरण: सरस फूड फेस्टिवल की नोडल अधिकारी अनीता पंवार ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में आयोजित इस फेस्टिवल से महिलाओं को विपणन का बेहतर अवसर मिला है और समूह की महिलाएं ‘लखपति दीदी’ से ‘करोड़पति दीदी’ बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।















