18 अगस्त: श्री राम नाम विश्व बैंक समिति द्वारा गोस्वामी तुलसीदास जी की जयंती के अवसर पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान संस्था के पदाधिकारियों एवं उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने तुलसीदास जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके विचारों और आदर्शों को याद किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित सुमित तिवारी ने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास जी भारतीय संस्कृति, भक्ति साहित्य और लोकजीवन के महान संत-कवि थे। उन्होंने ‘श्रीरामचरितमानस’ जैसी कालजयी रचना के माध्यम से भगवान श्रीराम के चरित्र और आदर्शों को आम जनमानस की भाषा में घर-घर तक पहुँचाया। उन्होंने समाज को संदेश दिया कि दूसरों की सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं है।
संस्था के महासचिव विकास गर्ग ने तुलसीदास जी की रचनाओं—विनय पत्रिका, कवितावली, गीतावली और हनुमान चालीसा—को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताते हुए कहा कि आज के आधुनिक दौर में संस्कार, करुणा और नैतिकता बनाए रखने के लिए उनकी शिक्षाएँ अत्यंत प्रासंगिक हैं। वहीं महंत शुभम गिरी ने कहा कि तुलसीदास जी के बताए सत्य, मर्यादा और परोपकार के मार्ग पर चलना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
इस अवसर पर संस्था के कई प्रमुख सदस्य और श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य रूप से दक्ष पंवार, मुकेश शर्मा, पिंटू, मिलनभाई पांड्या, आशु बड़थ्वाल, बुद्धि बल्लभ, शरद चंद्र घोलकर, इशिका धीमान, विशाल मालिक, रजनी मालिक, अंकित शर्मा, कुलदीप अरोड़ा, कुलदीप राय, राजकुमार, आचार्य संदीप और आचार्य संतोष शामिल थे।













