धर्म-कर्म: महापुरुष सागर के तट पर एकत्र फेन के समान -स्वामी गोविन्द देव
“छत्रपति शिवाजी महाराज कथा’’ का आठवां दिन जब अनेक लोगों के अतःकरण में आंकाक्षाएँ जागृत होती हैं तो हमारी आंकाक्षायें स्वतः ही जागृत हो जाती हैं: स्वामी गोविन्द देवऔ देश को आजादी तो मिल गई किंतु शिक्षा, चिकित्सा, आर्थिक और सांस्कृतिक वैचारिक आजादी मिलना अभी शेष : स्वामी रामदेव अबContinue Reading











