हरिद्वार में राष्ट्रीय खेलों से पहले सुरक्षा के लिए सख्त कार्रवाई

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हरिद्वार: राज्य में होने वाले राष्ट्रीय खेलों से पहले हरिद्वार में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस ने बड़े पैमाने पर अभियान चलाया है। इस अभियान में बांग्लादेशी और रोहिंग्या नागरिकों की पहचान करने के लिए पूरे जिले में घर-घर जाकर दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
2 महीने में 11,000 से अधिक लोगों का सत्यापन: पिछले दो महीनों में पुलिस ने 11,000 से अधिक लोगों का सत्यापन किया है और 3,000 से अधिक लोगों के खिलाफ पुलिस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। इसके अलावा, बिना सत्यापन के किराएदार रखने वाले 758 मकान मालिकों पर जुर्माना भी लगाया गया है।
फर्जी दस्तावेज बनाने वालों पर कार्रवाई: पुलिस ने फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने वाले लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की है। भगवानपुर और खानपुर थाने में इस संबंध में मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
सुरक्षा के लिए बनाई गई टीमें: राष्ट्रीय खेलों के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए एसएसपी हरिद्वार प्रमेंद्र सिंह डोबाल के नेतृत्व में शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में अलग-अलग पुलिस टीमें बनाई गई हैं। ये टीमें संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही हैं।
बांग्लादेशी और रोहिंग्या: इस अभियान के दौरान पुलिस ने खुफिया सूचना के आधार पर दो बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। इसके अलावा, पश्चिम बंगाल और असम के कुछ निवासियों को भी चिन्हित किया गया है जिनके दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
एसएसपी का बयान: एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने कहा कि यह अभियान क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने में सहायक सिद्ध हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
विभिन्न थानों में चलाया गया अभियान: यह अभियान जिले के सभी थानों में चलाया गया है। इसमें कोतवाली नगर, श्यामपुर, कनखल, ज्वालापुर, रानीपुर, सिडकुल, बहादराबाद, कलियर, रुड़की, गंगनहर, पथरी, लक्सर, खानपुर, मंगलौर, झबरेड़ा, भगवानपुर और बुग्गावाला थाना शामिल हैं।
हरिद्वार पुलिस राष्ट्रीय खेलों से पहले सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। इस अभियान के माध्यम से पुलिस ने जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने और संदिग्ध गतिविधियों पर अंकुश लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।