उत्तराखंड सरकार की नंदा गौरा योजना: 40,504 बेटियों को मिला ₹172.44 करोड़ का लाभ

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देहरादून: उत्तराखंड सरकार की महत्वाकांक्षी नंदा गौरा योजना गरीब परिवारों की बेटियों के लिए एक महत्वपूर्ण सहारा साबित हो रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार की आधिकारिक सूचना के अनुसार, इस योजना के तहत वर्ष 2024-25 में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से कुल 40,504 बेटियों को ₹172.44 करोड़ की धनराशि सफलतापूर्वक हस्तांतरित की गई है।
सूचना में दर्शाया गया है कि इस वित्तीय वर्ष में जन्म के समय 8,616 बेटियों को ₹9.81 करोड़ की राशि प्रदान की गई है। वहीं, 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने वाली 31,888 बेटियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए ₹162.62 करोड़ की सहायता राशि दी गई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है और नंदा गौरा योजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि यह योजना गरीब परिवारों की बालिकाओं के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है, जिससे उन्हें शिक्षा प्राप्त करने और आत्मनिर्भर बनने में मदद मिल रही है। मुख्यमंत्री ने बालिका शिक्षा प्रोत्साहन योजना और मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना को भी राज्य सरकार की महत्वपूर्ण पहल बताया, जो बेटियों के कल्याण के लिए समर्पित हैं।
योजना के तहत, कन्या के जन्म पर लाभार्थी परिवार को ₹11 हजार की धनराशि प्रदान की जाती है, जबकि बेटियों के 12वीं कक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण करने पर उन्हें ₹51 हजार की अतिरिक्त वित्तीय सहायता मिलती है। यह वित्तीय सहायता बेटियों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने और अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित करती है।
सूचना के निचले भाग में एक नीली पट्टी पर राज्य सरकार के संकल्प को दोहराया गया है, जिसमें कहा गया है कि “उत्तराखंड को विकसित प्रदेश बनाने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है राज्य सरकार।” नंदा गौरा योजना को इस दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में देखा जा रहा है, जो न केवल बालिकाओं को सशक्त बना रही है बल्कि राज्य के सामाजिक और आर्थिक विकास में भी योगदान दे रही है।
संक्षेप में, नंदा गौरा योजना उत्तराखंड सरकार की एक सफल पहल है, जो बेटियों के जन्म को प्रोत्साहित करने, उनकी शिक्षा को बढ़ावा देने और गरीब परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से चलाई जा रही है। वर्ष 2024-25 में 40,504 बेटियों को ₹172.44 करोड़ की धनराशि का हस्तांतरण इस योजना की सफलता और राज्य सरकार की बेटियों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।