समान नागरिक संहिता पर दलित समाज करेगा मुख्यमंत्री धामी का अभिनंदन
हरिद्वार के भेल स्थित केंद्रीय विद्यालय के प्रांगण में आज डॉ. भीमराव अंबेडकर महामंच द्वारा एक विशाल जनसभा का आयोजन किया जा रहा है। इस महारैली का मुख्य उद्देश्य उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने के ऐतिहासिक निर्णय पर दलित समाज द्वारा अभिनंदन करना है।
अनुमान है कि इस रैली में 30,000 से अधिक लोग भाग लेंगे, जिनमें अधिकांश दलित समुदाय के सदस्य होंगे। आयोजकों का कहना है कि यह मुख्यमंत्री धामी की हरिद्वार में अब तक की सबसे बड़ी जनसभा होगी। उनका मानना है कि उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू करके मुख्यमंत्री ने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के सपने को साकार किया है।

रैली स्थल को भव्य रूप से सजाया गया है। भेल के हेलीपैड से लेकर सभा स्थल तक सड़क के दोनों ओर बड़े-बड़े तोरण द्वार लगाए गए हैं। इसके अतिरिक्त, पूरे मार्ग पर डॉ. भीमराव अंबेडकर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कटआउट्स लगाए गए हैं। पंडाल में 30,000 से अधिक कुर्सियां लगाई गई हैं और इसे डॉ. अंबेडकर, प्रधानमंत्री मोदी, मुख्यमंत्री धामी, भगवान रविदास, आदि कवि वाल्मीकि, सविता अंबेडकर और अन्य महापुरुषों के चित्रों से सजाया गया है। मंच पर केवल दो कुर्सियां लगाई गई हैं, जिनमें से एक पर मुख्यमंत्री और दूसरी पर दलित समाज के एक संत विराजमान होंगे।
पूरे हरिद्वार जिले से दलित समुदाय के लोगों के इस रैली में बड़ी संख्या में पहुंचने की संभावना है, जिसके लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह रैली मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के राजनीतिक कद को और ऊंचा करेगी। डॉ. अवनीत कुमार घिल्डियाल के अनुसार, मुख्यमंत्री ने समान नागरिक संहिता लागू करके राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत की है, और हरिद्वार में अंबेडकर जयंती पर आयोजित यह रैली उत्तराखंड की राजनीति की दिशा और दशा बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री धामी एक ऐसे बड़े भाजपा नेता के रूप में उभरे हैं जिनकी पकड़ सभी वर्गों पर है, विशेषकर हिंदू समुदाय में उनकी मजबूत पैठ है।
डॉ. भीमराव अंबेडकर महामंच, हरिद्वार के सदस्य योगेश कुमार ने इस रैली को दलित समाज के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर बताया है।














