मुख्यमंत्री धामी ने हरिद्वार में भारतीय मजदूर संघ के युवा कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित किया

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ऋषिकुल में मदन मोहन मालवीय राज्य शोध संस्थान की घोषणा

हरिद्वार, 22 जून 2025: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को हरिद्वार के ऋषिकुल आयुर्वेदिक कॉलेज ऑडिटोरियम में भारतीय मजदूर संघ उत्तराखंड द्वारा आयोजित युवा कार्यकर्ता सम्मेलन और संघ के स्वर्णिम सत्तर वर्षों के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया।
मुख्यमंत्री धामी ने ऋषिकुल को पर्यटन, अध्यात्म, शिक्षा, आयुर्वेद, ज्योतिष और ध्यान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण केंद्र बनाने की बात कही। उन्होंने घोषणा की कि ऋषिकुल में मदन मोहन मालवीय राज्य शोध संस्थान की स्थापना की जाएगी, जहाँ योग, ध्यान और अध्यात्म जैसी विभिन्न विधाओं का अध्ययन किया जाएगा, जिससे आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने भारतीय मजदूर संघ को उसकी 70 वर्षों की यात्रा के लिए बधाई दी, जो 23 जुलाई 2025 को पूरी हो रही है। उन्होंने संगठन की तपस्या, राष्ट्र निर्माण के संकल्प और स्वदेशी विचारधारा को सराहा, जिसने श्रमिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए राष्ट्र निर्माण में अमूल्य योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि संगठन ने ‘श्रम योगी से राष्ट्र योगी’ बनने का मार्ग प्रशस्त किया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि आजादी के बाद देश में संसाधनों की कमी के बावजूद श्रमिकों ने अविश्वसनीय कार्य किया, और आज देश में संसाधनों की कमी नहीं है। उन्होंने अतीत में विदेशी विचारधारा से प्रभावित श्रमिक आंदोलनों और ‘वंदे मातरम’ तथा ‘भारत माता की जय’ के उद्घोष पर उत्पन्न होने वाली विकट स्थितियों का भी उल्लेख किया।
धामी ने कहा कि वर्तमान सरकार श्रमिकों के हितों को ध्यान में रखकर अनेक योजनाएं चला रही है, जिसका लाभ देश के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है। उन्होंने श्रम पोर्ट पर करोड़ों श्रमिकों के पंजीकरण, ईएसआई, ईपीएफओ और बीमा सुविधाओं का जिक्र किया। उन्होंने प्रधानमंत्री के ‘सबका साथ सबका विकास’ के मंत्र पर जोर देते हुए कहा कि सरकार श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और मोबाइल सुविधाओं पर भी ध्यान दे रही है, जिसमें 75 मेधावी छात्रों को रुद्रपुर टेक्निकल इंस्टीट्यूट में निःशुल्क उच्च तकनीकी शिक्षा प्रदान करना शामिल है।

मुख्यमंत्री ने श्रमिकों को राष्ट्र निर्माण का पथ निर्माता बताते हुए कहा कि 2047 में विकसित भारत के संकल्प में युवाओं की विशेष भूमिका होगी। उन्होंने भारत को विश्व का सबसे युवा देश बताया, जिसकी 65% आबादी 35 वर्ष से कम आयु की है। उन्होंने कहा कि सही दिशा और मार्गदर्शन मिलने पर भारत जल्द ही महाशक्ति के रूप में उभरेगा। उन्होंने स्किल इंडिया अभियान की सराहना की, जो युवाओं को रोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर भारत में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
धामी ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सांस्कृतिक विरासत के पुनरुत्थान के कार्यों का भी उल्लेख किया, जिनमें अयोध्या में राम मंदिर निर्माण, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, बद्रीनाथ धाम का मास्टर प्लान और केदारनाथ पुनर्निर्माण शामिल हैं। उन्होंने चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की अभूतपूर्व वृद्धि पर भी प्रकाश डाला।
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय सुरक्षा और राज्य में सुशासन पर भी बात की। उन्होंने ऑपरेशन सिंधु और भारतीय सेना के शौर्य का जिक्र किया। राज्य में ‘लैंड जिहाद’, ‘लव जिहाद’ और ‘थूक जिहाद’ पर सरकार की सख्त कार्रवाई की जानकारी दी, जिसमें 6500 एकड़ अवैध जमीन को मुक्त कराया गया। उन्होंने उत्तराखंड के ‘देवभूमि’ स्वरूप को बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई और हल्द्वानी की घटना के बाद लाए गए सशक्त दंगा कानून तथा नकल विरोधी कानून की सराहना की, जिससे अब प्रतिभा के आधार पर चयन हो रहा है।
धामी ने ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई का वादा किया, जिसमें बड़े मगरमच्छों को भी नहीं बख्शा जाएगा। उन्होंने कहा कि 2022 से अब तक 200 से अधिक दोषी अधिकारियों को दंडित किया गया है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड कई मामलों में देश में अग्रणी है। उन्होंने 27 जनवरी 2025 को समान नागरिक संहिता लागू करने की बात कही, जिससे उत्तराखंड भारत का ऐसा कानून लागू करने वाला पहला राज्य बन गया है।
इस अवसर पर विधायक प्रदीप बत्रा, आदेश चौहान, मेयर किरन जैसल, भारतीय मजदूर संघ के महामंत्री रविन्द्र मितरे सहित अन्य पदाधिकारी और अधिकारी उपस्थित थे।