कांवड़ मेला चरम पर: 3 करोड़ से अधिक कांवड़िए गंतव्य की ओर

श्रावण कांवड़ मेला हरिद्वार में अपने चरम पर है, और जलाभिषेक का दिन नजदीक आते ही डाक कांवड़ियों की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है। “बम बम भोले” और “हर हर महादेव” के जयकारों से धर्मनगरी गूंज उठी है, और शिवभक्तों से पूरा हरिद्वार भगवामय हो गया है। पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, 11 जुलाई को मेले की शुरुआत से अब तक 3 करोड़ 1 लाख 90 हजार कांवड़िए गंगाजल लेकर अपने गंतव्यों के लिए रवाना हो चुके हैं। अकेले कल शाम से आज शाम तक 53 लाख कांवड़िए रवाना हुए। हरकी पैड़ी और गंगा घाटों पर इतनी भीड़ है कि तिल रखने की जगह नहीं। डाक कांवड़ के वाहनों और दुपहिया वाहनों से पार्किंग भर चुकी है, और हाईवे पर भी शिवभक्तों का कब्जा है। दिल्ली-देहरादून हाईवे पर भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है, केवल डाक कांवड़ वाहन और आवश्यक सामग्री के वाहन ही चल रहे हैं। आगामी दिनों में हाईवे पर डाक कांवड़ यात्रियों का ही बोलबाला रहेगा।
कांवड़ियों के हुड़दंग के बीच पुलिस का मानवीय चेहरा
कांवड़ मेला अपने चरम पर होने के साथ ही कहीं-कहीं कांवड़ियों के बीच मारपीट की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। इन घटनाओं के बावजूद, पुलिस का मानवीय चेहरा भी देखने को मिला है। आज सुबह, एक थके हुए कांवड़िये की भारी कांवड़ को पुलिसकर्मी ब्रह्म दत्त जोशी ने अपने कंधे पर उठाकर पुल पार करवाया और उसे सुरक्षित स्थान पर ले जाकर पानी और फल दिए। पुलिस के इस व्यवहार से कांवड़िया अत्यंत प्रसन्न हुआ और अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गया।
जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने संभाला मोर्चा, लगातार कर रहे निगरानी

कांवड़ मेला के चरम पर होने के मद्देनजर, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने स्वयं मोर्चा संभाल लिया है। वे लगातार विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण कर रहे हैं और तकनीकी माध्यम से निगरानी व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे हैं। वे मौके पर तैनात कर्मियों से मिलकर उनका हौसला बढ़ा रहे हैं और उन्हें मार्गदर्शन दे रहे हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं और जनता से अपील की है कि वे किसी भी लावारिस वस्तु को न छूएं और संदिग्ध वस्तु दिखने पर पुलिस को सूचित करें। उन्होंने मेले के सफल आयोजन और सुरक्षा के लिए जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने और कर्मियों का सहयोग करने की भी अपील की। उन्होंने बैरागी कैंप पार्किंग का भी भ्रमण किया और ड्रोन कैमरे के माध्यम से पूरे क्षेत्र की जानकारी ली, अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्था के निर्देश दिए।
₹25,000 के नोटों से सजी कांवड़ बनी आकर्षण का केंद्र

कांवड़ मेले में इस बार कई तरह के अनोखे नजारे देखने को मिल रहे हैं। मेरठ के कुछ शिवभक्त ₹25,000 के नोटों से सजी कांवड़ लेकर हरिद्वार से रवाना हुए हैं, जो लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। ये युवा पिछले चार सालों से इसी तरह नोटों से सजी कांवड़ में जल ले जा रहे हैं। समूह में शामिल सागर ने बताया कि वे गांव और प्रदेश में सुख-शांति की कामना के साथ हर साल कांवड़ लेकर जाते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कांवड़ पर लगे नोटों से महाशिवरात्रि के बाद भंडारे का आयोजन किया जाता है, जिसमें पूरा गांव शामिल होता है।












