ब्रह्मलीन स्वामी राजेंद्रानंद महाराज को पूर्व सांसद कुलदीप विश्नोई ने दी श्रद्धांजलि
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल के बेटे, पूर्व सांसद कुलदीप विश्नोई और उनकी पत्नी रेणुका विश्नोई ने हरिद्वार स्थित विश्नोई आश्रम पहुंचकर ब्रह्मलीन स्वामी राजेंद्रानंद महाराज को श्रद्धांजलि दी। कुलदीप विश्नोई ने कहा कि स्वामी राजेंद्रानंद का पूरा जीवन देश और समाज के प्रति समर्पित था। उन्होंने विश्नोई समाज को गौ सेवा के लिए प्रेरित किया, जिससे समाज ने देश-विदेश में अपनी पहचान बनाई। उन्होंने कहा कि स्वामीजी के बताए रास्ते पर चलकर गौ सेवा को आगे बढ़ाना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
उत्तराखंड क्रांति दल करेगा विधानसभा का घेराव

उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) ने गैरसैंण में होने वाले विधानसभा सत्र के दौरान विधानसभा का घेराव करने की घोषणा की है। पार्टी के संरक्षक और पूर्व मंत्री दिवाकर भट्ट ने बताया कि यह घेराव परिसीमन, बद्रीनाथ मास्टर प्लान को रद्द करने, मूल निवासियों को रोजगार में प्राथमिकता देने, और अवैध मतदाताओं की जांच जैसी मांगों को लेकर 19 अगस्त को किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पहले पार्टी ने राज्य बनाने के लिए संघर्ष किया था और अब वे राज्य को बचाने के लिए संघर्ष करेंगे, क्योंकि राज्य बनने के बाद लोगों की उम्मीदें पूरी नहीं हुईं।
भेल सेक्टर 1 रामलीला की तैयारियां शुरू
भेल (BHEL) के सेक्टर 1 में होने वाली रामलीला की तैयारियां शुरू हो गई हैं। हाल ही में हुई समिति की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जिसमें इस साल रामलीला को और भी भव्य रूप देने का फैसला किया गया। रामलीला का मंचन 23 सितंबर से 1 अक्टूबर तक होगा और दशहरा 2 अक्टूबर को मनाया जाएगा। इस वर्ष रावण के पुतले की ऊंचाई भी बढ़ाई जाएगी। बैठक के बाद गणेश पूजा कर कलाकारों ने रामलीला का पूर्वाभ्यास शुरू कर दिया है।
सनातन धर्म विश्व की सबसे प्राचीन संस्कृति: श्रीमहंत रामशरण दास
श्री पंचनिर्मोही अनी अखाड़े के महामंत्री श्रीमहंत रामशरण दास महाराज ने सनातन धर्म को विश्व की सबसे प्राचीन संस्कृति बताया है। बैरागी कैंप में संतों की बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि संत समाज हमेशा से समाज को सही राह दिखाता आया है। उन्होंने जोर दिया कि उनका अखाड़ा सनातन धर्म के संरक्षण और समाज से कुरीतियों को दूर करने का काम कर रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि 2027 में होने वाले हरिद्वार कुंभ मेले में सभी वैष्णव अखाड़े एकजुट होकर भव्य कुंभ का आयोजन करेंगे।
ब्रह्मलीन स्वामी राजेंद्रानंद को संतों ने दी श्रद्धांजलि
बिश्नोई आश्रम, भीमगोड़ा के परमाध्यक्ष स्वामी राजेंद्रानंद महाराज के निधन पर संत समाज ने शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। दयाधाम आश्रम के महामंडलेश्वर स्वामी भास्करानंद महाराज ने उन्हें त्याग और सेवा की मूर्ति बताया। संतों ने कहा कि गौसेवा और मानव कल्याण के प्रति उनका समर्पण हमेशा प्रेरणा देता रहेगा। भारत माता मंदिर के महंत महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद गिरी और अन्य संतों ने भी स्वामी राजेंद्रानंद महाराज को एक सरल और मिलनसार संत बताते हुए उनके निधन को समाज के लिए एक बड़ी क्षति बताया।













