हरिद्वार। हरिद्वार जिला प्रशासन ने एक बड़े अवैध गैस रिफिलिंग और चोरी के रैकेट का भंडाफोड़ किया है। जिला पूर्ति अधिकारी तेजबल सिंह के नेतृत्व में पुलिस, जिला पूर्ति विभाग और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसी) की संयुक्त टीम ने रानीपुर क्षेत्र में देर रात छापेमारी कर एक बंद पड़ी फैक्ट्री में चल रहे इस गोरखधंधे का खुलासा किया।
छापेमारी के दौरान टीम ने पाया कि यह रैकेट एक सुनियोजित तरीके से काम कर रहा था। आईओसी के गैस प्लांट तक पहुंचने वाले गैस कैप्सूलों को प्लांट से पहले ही इस अवैध ठिकाने पर रोक लिया जाता था। फिर इन कैप्सूलों से गैस निकालकर छोटे सिलेंडरों में भरी जाती थी, जिन्हें बाद में ब्लैक मार्केट में बेचा जाता था। माना जा रहा है कि यह अवैध धंधा लंबे समय से चल रहा था।
पुलिस ने मौके से तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान मुजफ्फरनगर के ललित, ऋषिकेश के सुरजीत और मध्य प्रदेश के रीवा के दीपक के रूप में हुई है। जबकि, छापे के दौरान चार अन्य लोग भागने में कामयाब रहे, जिनकी तलाश जारी है।
मौके से पुलिस ने 34 टन गैस से भरे दो गैस कैप्सूल, 61 खाली और भरे गैस सिलेंडर, तीन नोजल, नौ बांसुरी, दो पाइप कटर और रिफिलिंग में इस्तेमाल होने वाले अन्य उपकरण बरामद किए हैं। इस मामले में दिल्ली की दो गैस आपूर्ति एजेंसियों सहित कुल सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
जिला पूर्ति अधिकारी तेजबल सिंह ने बताया कि उन्हें इस अवैध गतिविधि की गुप्त सूचना मिली थी, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए आगे भी अभियान चलाया जाएगा।













