हरिद्वार: गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय के आंदोलनरत कर्मचारियों ने माननीय उच्च न्यायालय नैनीताल के निर्णय का स्वागत किया है, जिसमें प्रोफेसर हेमलता को कुलपति पद पर बने रहने का अंतरिम आदेश दिया गया है। कर्मचारियों ने इस फैसले पर खुशी का इजहार करते हुए इसे भारतीय न्याय प्रणाली और सच्चाई की जीत बताया।
कर्मचारी संघ के अध्यक्ष रजनीश भारद्वाज और महामंत्री नरेंद्र मलिक ने बताया कि उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने तीनों आर्य प्रतिनिधि सभाओं की कार्यवाही को उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर घोषित कर दिया है। इसके साथ ही, केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के 3 मार्च 2025 के पत्र, एस.के. आर्य को कुलाधिपति घोषित करने वाली 22 अप्रैल 2025 की अधिसूचना, प्रोफेसर हेमलता के पद को रद्द करने वाले 5 जुलाई 2025 के पत्र और प्रोफेसर प्रभात कुमार को कुलपति नियुक्त करने वाले 7 जुलाई 2025 के पत्र पर भी रोक लगा दी गई है।














