उत्तराखंड राज्य सूचना आयोग ने हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण (HRDA) पर सूचना के अधिकार (RTI) नियमों का उल्लंघन करने के लिए ₹10,000 का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना HRDA के अधिशासी अभियंता टी.पी. नौटियाल पर लगाया गया है, जिन्होंने गंगा बाढ़ जोन में हुए अवैध निर्माणों और एक पुलिस चौकी के पुनर्निर्माण से संबंधित जानकारी देने में देरी की।
यह मामला सामाजिक कार्यकर्ता रमेश चंद्र शर्मा की RTI अर्जी से सामने आया, जिसमें उन्होंने हर की पौड़ी से डामकोठी तक और नीलधारा नदी के बाढ़ जोन में हुए अवैध निर्माणों के खिलाफ हुई कार्रवाई की जानकारी मांगी थी। शर्मा ने पुलिस चौकी के पुनर्निर्माण से जुड़े आदेशों की भी जानकारी मांगी थी।
RTI में खुलासा हुआ कि एक पूर्व कैबिनेट मंत्री के स्वामित्व वाले एक विशाल अवैध निर्माण को ध्वस्त करने की सिफारिश 2020 में ही की गई थी, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। सूचना आयोग ने इस लापरवाही के लिए HRDA पर जुर्माना लगाया है, जिससे गंगा नदी के संवेदनशील क्षेत्रों में बढ़ते भ्रष्टाचार और पर्यावरण नियमों की अनदेखी पर सवाल खड़े हो गए हैं।













