मुख्य विकास अधिकारी ने किया ‘प्रकाशमय सीएलएफ’ का निरी, चिप्स-नमकीन उत्पादन को सराहा
हरिद्वार, 09 अक्टूबर 2025
मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) श्रीमती आकांक्षा कोण्डे ने आज विकासखंड भगवानपुर में ‘प्रकाशमय सीएलएफ’ द्वारा संचालित आलू चिप्स और नमकीन उत्पादन इकाई का भौतिक निरीक्षण किया। यह उद्यम ग्रामोत्थन (रीप) परियोजना के तहत स्थापित किया गया है।
सीडीओ ने आलू चिप्स की पूरी उत्पादन प्रक्रिया, मार्केट सर्वे, बिक्री रिपोर्ट, और उत्पाद की गुणवत्ता की विस्तृत जानकारी ली और महिलाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए प्रगति पर संतोष जताया।
सीडीओ के मुख्य निर्देश:
- आलू चिप्स और नमकीन का व्यावसायिक उत्पादन शुरू किया जाए।
- उत्पादन और विपणन का वर्षभर का रोस्टर प्लान तैयार कर लागू किया जाए।
- उत्पादों की ब्रांडिंग और पैकिंग पर विशेष ध्यान देकर उन्हें मार्केट में लॉन्च किया जाए।
- आवश्यक सर्टिफिकेशन कार्य के लिए मुख्यमंत्री उद्यमशाला (आरबीआई) योजना की सेवाएं ली जाएं।
- विपणन (मार्केटिंग) की जिम्मेदारी बीएमएम भगवानपुर और सहायक प्रबंधक सेल्स को सौंपी गई है।
- 15 अक्टूबर के बाद से प्रतिदिन 25 किलोग्राम आलू चिप्स का उत्पादन सुनिश्चित किया जाए और यूनिट की मशीन क्षमता का पूर्ण उपयोग किया जाए।
सीडीओ ने समूह की महिलाओं द्वारा बनाए जा रहे हैंडीक्राफ्ट उत्पादों का भी जायजा लिया और उनकी उच्च गुणवत्ता की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इन उत्पादों की गुणवत्ता बाजार में अपनी पहचान बनाएगी। इस निरीक्षण को महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण उद्यम को प्रोत्साहन देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
धामी सरकार का नया अल्पसंख्यक शिक्षा कानून लागू, मदरसा बोर्ड होगा समाप्त: सुनील सैनी

हरिद्वार
पिछड़ा वर्ग कल्याण परिषद के उपाध्यक्ष (राज्य मंत्री) सुनील सैनी ने कहा है कि धामी सरकार द्वारा लाया गया अल्पसंख्यक शिक्षा कानून अल्पसंख्यक समुदाय के शिक्षा अधिकारों को सुरक्षित करेगा और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाएगा। राजभवन से मंजूरी मिलने के बाद, अब सभी अल्पसंख्यक शिक्षा संस्थाओं को एक नए प्राधिकरण “उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण” से मान्यता लेनी होगी।
नए कानून के तहत, सिख, बौद्ध, जैन, ईसाई, पारसी और मुस्लिम समुदायों के शैक्षिक संस्थानों को मान्यता मिलेगी, जबकि राज्य का मदरसा शिक्षा बोर्ड समाप्त हो जाएगा। सैनी ने कहा कि यह कानून अल्पसंख्यक समुदायों को मुख्य धारा की शिक्षा व्यवस्था से जोड़ने, शिक्षा की गुणवत्ता और पारदर्शिता बढ़ाने तथा नई शिक्षा नीति के अनुरूप समान अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से लाया गया है।
उन्होंने बताया कि इस कानून के लागू होने से अल्पसंख्यक विद्यालयों में योग शिक्षक और अच्छी सुविधाओं का लाभ अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं को मिलेगा, जो मदरसों की व्यवस्था में नहीं था। उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम लाने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।
बाबा साहेब डॉ. अंबेडकर समाज कल्याण बहुउद्देशीय शिविर में 63 शिकायतें मिलीं

हरिद्वार
आज, 09 अक्टूबर 2025 को, देशराज कर्णवाल, उपाध्यक्ष, समाज कल्याण योजनाएं अनुश्रवण समिति, उत्तराखंड सरकार (राज्य मंत्री स्तर) के नेतृत्व में भगवानपुर विधानसभा के तीन ग्रामों— बेहदकी सैदाबाद, मोलना और खजूरी — में “बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर समाज कल्याण बहुउद्देशीय शिविर” का सफल आयोजन किया गया।
शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण जनता की समस्याओं को सुनना, उनका त्वरित निस्तारण करना और समाज कल्याण विभाग की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना था।
प्राप्त शिकायतों का विवरण:
ग्राम का नाम , प्राप्त शिकायतें
बेहदकी सैदाबाद -26
मोलना -22
खजूरी -15
कुल -63
इनमें से 17 समस्याओं का समाधान शिविर स्थल पर ही संबंधित विभागीय अधिकारियों द्वारा कर दिया गया। शेष जिला स्तरीय शिकायतों को निस्तारण हेतु जिलाधिकारी हरिद्वार और शासन को भेजा जाएगा। यह शिविर सामाजिक न्याय के सिद्धांतों को ज़मीन पर उतारने की दिशा में एक सार्थक पहल रहा।
राष्ट्रीय वैक्टर जनित रोग नियंत्रण टीम ने मुंडलाना गांव का किया निरीक्षण, बुखार से संभावित दो मौतों की जांच

हरिद्वार, ०9 अक्टूबर 2025
ग्राम मुंडलाना, ब्लॉक नारसन में डेंगू बुखार फैलने और संभावित बुखार से दो लोगों की मृत्यु की सूचना मिलने पर राष्ट्रीय वैक्टर जनित रोग नियंत्रण टीम ने आज गांव पहुंचकर मृतकों के परिजनों से मुलाकात की।
जिला मलेरिया अधिकारी हरिद्वार, सी.एम. अथवाल ने बताया कि संभावित बुखार से मरने वालों में 32 वर्षीय सितारा और 22 वर्षीय रत्तन लाल शामिल हैं। हालांकि, टीम को परिजनों से कोई भी जांच रिपोर्ट या चिकित्सालय का पर्चा प्राप्त नहीं हुआ, जिससे मौत के सटीक कारणों का पता नहीं चल सका।

टीम द्वारा की गई कार्रवाई:
- डेंगू वॉलंटियरों द्वारा 60 घरों का भ्रमण किया गया, जिसमें 112 सामग्रियों को जांचा गया।
- 6 स्थानों पर लार्वा पाया गया और 6 लोगों में बुखार पाया गया।
- गांव में स्वास्थ्य कैंप लगाया गया, जिसमें 106 लोगों की जांच की गई और 58 संभावित लोगों के सैम्पल लिए गए। सभी संभावित लोगों को उपचार दिया गया।
- पूरे गांव में थर्मल फॉगिंग कराई गई।
- डेंगू जागरूकता अभियान के तहत पम्फलेटों का वितरण किया गया और पोस्टर चस्पा किए गए।













