
छठ पर्व: सूर्य, प्रकृति और स्वास्थ्य का संगम
रेखा नेगी (पूर्व राष्ट्रीय सचिव, राष्ट्रीय मानव अधिकार संरक्षण समिति) ने छठ पर्व को सूर्य देव, छठी मैया और प्रकृति की पूजा बताया। यह पर्व संतान की दीर्घायु, परिवार की सुख-समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सूर्य उपासना से ऊर्जा और सकारात्मकता मिलती है, और अर्घ्य देने की प्रक्रिया शरीर में विटामिन डी की कमी पूरी कर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है। यह पर्व सामाजिक समानता और पारिवारिक एकजुटता को भी बढ़ावा देता है, तथा यह याद दिलाता है कि हमारा अस्तित्व सूर्य पर निर्भर है।
छठ पूजा: प्रकृति के साथ संवाद और कृतज्ञता का महापर्व – स्वामी चिदानन्द सरस्वती

स्वामी चिदानन्द सरस्वती (परमार्थ निकेतन) ने छठ पर्व को सूर्यदेव और माँ प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का अद्भुत प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि जल में खड़े होकर अस्त होते सूर्य को अर्घ्य अर्पित करना प्रकृति के साथ जीवंत संवाद है। यह पर्व पर्यावरण संकट के समय प्रासंगिक है, क्योंकि यह प्रकृति, पंचतत्व और परमात्मा के प्रति कृतज्ञता की अभिव्यक्ति है। स्वामी जी ने बताया कि छठ का सच्चा अर्थ “उपासना” है, यानी भीतर के सूर्य को जगाना। साध्वी भगवती सरस्वती ने सस्टेनेबिलिटी विद स्पिरिचुअलिटी की आवश्यकता पर बल दिया। विदेशी पर्यटकों ने भी इस पर्व के पर्यावरण और आध्यात्मिकता के संगम की प्रशंसा की।
बहादराबाद और नारसन ब्लॉक की संयुक्त खेलकूद प्रतियोगिता संपन्न
‘मेरा युवा भारत’ (युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार) के तत्वावधान में बहादराबाद और नारसन ब्लॉक की संयुक्त ब्लॉक स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में कबड्डी, खो-खो, 400 मीटर दौड़ और लंबी कूद की प्रतिस्पर्धाएं हुईं। कबड्डी बालक वर्ग में रोज लायन युवा मंडल ज्वालापुर प्रथम रहा। 400मी बालक वर्ग में आदित्य प्रथम रहे, जबकि बालिका वर्ग में जसप्रीत ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
ब्रजभूषण शरण सिंह का हरिद्वार में स्वागत, संतों से करेंगे भेंट

भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद ब्रजभूषण शरण सिंह का उत्तराखंड प्रवास के दौरान हरिद्वार पहुंचने पर पूर्वांचल के प्रवासियों ने स्वागत किया। उन्होंने बताया कि वे देहरादून में कार्यक्रम के बाद 28 अक्टूबर को हरिद्वार और ऋषिकेश के प्रमुख संतों से भेंट करेंगे। स्वागत के दौरान उन्हें अगले वर्ष छठ पर्व पर हरिद्वार आने का निमंत्रण भी दिया गया।
गंगनहर में निर्माणाधीन घाट क्षतिग्रस्त: विभागों में समन्वय की कमी

कुंभ मेला 2027 के लिए उत्तराखंड सिंचाई विभाग द्वारा अमरापुर घाट से ऋषिकुल तक गंगनहर में बनाए जा रहे गंगा घाटों का निर्माण कार्य विभागों में समन्वय की कमी के कारण क्षतिग्रस्त हो गया है। यूपी सिंचाई विभाग द्वारा पानी छोड़े जाने के बाद घाटों के ढांचे में दरारें दिखने लगीं, जिसके बाद मेला अधिकारी ने मौके का निरीक्षण किया।
निरंजनी अखाड़े में भगवान कार्तिकेय जयंती और गुरू छठ पर्व धूमधाम से मनाया गया
तपोनिधि श्रीपंचायती अखाड़ा निरंजनी में भगवान कार्तिकेय जयंती और गुरू छठ पर्व सभी तेरह अखाड़ों के संतों की उपस्थिति में मनाया गया। जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने कहा कि भगवान कार्तिकेय भक्तों की सभी इच्छाएं पूर्ण करते हैं। कार्यक्रम में आपदा राहत कार्यों में योगदान देने वाले एसडीआरएफ और पुलिस के जवानों को सम्मानित भी किया गया। संतों ने धर्म रक्षा और सनातन धर्म संस्कृति को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।













