
हरिद्वार, 21 नवम्बर। तीर्थ सेवा न्यास द्वारा स्थापित किए जा रहे विश्व सनातन महापीठ की उद्घोषणा और शिला पूजन कार्यक्रम भव्यता के साथ संपन्न हुआ। इस समारोह में शामिल होकर करौली शंकर महादेव ने महापीठ को अपनी शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि यह महापीठ सनातन धर्म की वैश्विक रक्षा, वैदिक मूल्यों की पुर्नस्थापना और समाज के चेतना जागरण में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
अपने उद्बोधन में करौली शंकर महादेव ने जोर दिया कि सनातन का मूल आधार मूल्य शिक्षा है। उन्होंने महापीठ का उद्देश्य केवल धार्मिक निर्माण नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, मानव निर्माण और समाज निर्माण बताया।
उनका मुख्य संकल्प है कि बच्चों, युवाओं और परिवारों तक वैदिक मूल्यों को पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि भावी पीढ़ियों को संस्कारित करने के लिए शिक्षा में वैदिक मूल और नैतिक शिक्षा को शामिल करना समय की मांग है। उन्होंने आयोजकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि समाज तभी महान बनता है जब वह संस्कृति, परम्परा और मूल्यों से जुड़ा रहे।














