हरिद्वार में महर्षि दयानंद सरस्वती की 200वीं जयंती और आर्य समाज की स्थापना के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आर्य उप प्रतिनिधि सभा, उत्तराखंड की ओर से एक भव्य ‘आर्य राष्ट्र निर्माण यात्रा’ निकाली गई।
- उद्देश्य और माँग: इस यात्रा के माध्यम से निशुल्क शिक्षा, सुरक्षा, चिकित्सा, न्याय, चरित्र निर्माण, और जनसंख्या समाधान की मांग उठाई गई। आर्य समाजियों ने सिटी मजिस्ट्रेट और एसडीएम के माध्यम से राज्यपाल को नौ-सूत्रीय ज्ञापन सौंपा, जिसमें समान नागरिक संहिता लागू करने, महर्षि दयानंद के नाम पर स्मारक और राष्ट्रीय संपत्ति का नामकरण करने, पूर्ण नशाबंदी, गौवंश को राष्ट्रीय पशु घोषित करने, समलैंगिक विवाह और लिव-इन-रिलेशनशिप पर प्रतिबंध लगाने, कठोर जनसंख्या नियंत्रण कानून लागू करने, प्रमाण पत्रों में जाति-संप्रदाय का उल्लेख बंद करने, और गुरुकुलों को आर्थिक सहायता देने की प्रमुख माँगे शामिल थीं।
- कार्यक्रम और शोभायात्रा: यात्रा से पहले स्वामी दर्शानंद गुरुकुल महाविद्यालय में हवन-यज्ञ और सभा का आयोजन हुआ। योगगुरु स्वामी रामदेव ने वेदों के पथ पर चलने और महर्षि दयानंद के सिद्धांतों को अपनाने का आह्वान किया। पूर्व कैबिनेट मंत्री और कार्यक्रम संयोजक स्वामी यतीश्वरानंद ने पाश्चात्य संस्कृति के बजाय गुरुकुल पद्धति अपनाने और देश में शिक्षा, चिकित्सा, न्याय को पूरी तरह निशुल्क करने पर जोर दिया।
- प्रदर्शन: शोभायात्रा के दौरान हरिद्वार की सड़कें केसरिया रंग में रंगी रहीं। गुरुकुल के छात्रों ने लाठी, तलवार, भाले का प्रदर्शन और योग क्रियाओं के माध्यम से अपनी प्रतिभा और शौर्य का प्रदर्शन किया।
- सहभागिता: इस कार्यक्रम में स्वामी रामदेव, स्वामी यतीश्वरानंद, प्रो. सत्यदेव विद्यालंकार, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, पूर्व विधायक संजय गुप्ता और कई अखाड़ों के श्रीमहंतों सहित भारी संख्या में आर्य समाजी और गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए।














