हरिद्वार: नए साल के आगमन से पूर्व हरिद्वार पुलिस ने उन लोगों के चेहरों पर मुस्कान बिखेरी है, जो अपने कीमती मोबाइल फोन खोने के बाद वापस पाने की उम्मीद छोड़ चुके थे। एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल के कुशल नेतृत्व में चलाई गई “ऑपरेशन रिकवरी” मुहिम के तहत, पुलिस ने देश के विभिन्न राज्यों और यहां तक कि सात समुंदर पार हांगकांग से कुल 100 मोबाइल फोन बरामद कर उनके असली मालिकों को सौंपे हैं।
तकनीक का सहारा और अंतरराष्ट्रीय रिकवरी
एसएसपी हरिद्वार के निर्देशों पर कोतवाली नगर पुलिस ने भारत सरकार के CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल का प्रभावी उपयोग किया। बरामद किए गए इन स्मार्टफोन्स की कुल अनुमानित कीमत लगभग 50 लाख रुपये आंकी गई है।
इस रिकवरी की सबसे खास बात एक सैमसंग मोबाइल की बरामदगी रही, जो सफर करते हुए हांगकांग तक जा पहुंचा था। पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस के जरिए इसे ट्रैक किया और सुरक्षित वापस मंगवाया। इसके अलावा, पुलिस ने भारत के विभिन्न कोनों जैसे पश्चिम बंगाल, गुजरात, उत्तर प्रदेश, बिहार, तमिलनाडु, केरल, मध्य प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा से भी फोन बरामद किए।
दूर-दराज के मालिकों को कूरियर से मिलेंगे फोन
बुधवार को आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कई मोबाइल स्वामियों को बुलाकर उनके फोन सुपुर्द किए गए। हालांकि, 26 मोबाइल स्वामी ऐसे हैं जो तमिलनाडु, केरल और पश्चिम बंगाल जैसे दूरस्थ राज्यों में निवास करते हैं और व्यक्तिगत रूप से हरिद्वार आने में असमर्थ हैं। एसएसपी ने संवेदनशीलता दिखाते हुए निर्देश दिए हैं कि इन सभी 26 फोन को कूरियर सर्विस के माध्यम से उनके घर तक सुरक्षित पहुंचाया जाए।
“जब पुलिस ने फोन किया कि मेरा खोया हुआ मोबाइल मिल गया है, तो मुझे यकीन नहीं हुआ। मैंने उम्मीद छोड़ दी थी। हरिद्वार पुलिस का यह कार्य वाकई काबिले तारीफ है।” — एक खुशकिस्मत मोबाइल स्वामी
पुलिस टीम की सराहना
एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने बताया कि मोबाइल गुम होने से न केवल आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि डेटा चोरी होने का भी डर रहता है। कोतवाली नगर पुलिस और उनकी टेक्निकल टीम ने दिन-रात मेहनत कर इन फोन्स को ट्रैक किया। इस सफलता पर स्थानीय नागरिकों और मोबाइल स्वामियों ने हरिद्वार पुलिस की कार्यशैली की जमकर सराहना की और पूरी टीम का धन्यवाद किया।













