हरिद्वार, 19 जनवरी 2026: युवा जागृति विचार मंच और स्थानीय व्यापार मंडल ने हरिद्वार जनपद, विशेषकर ‘हर की पैड़ी’ और मेला क्षेत्र में बढ़ते नशे के अवैध कारोबार पर गहरी चिंता व्यक्त की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार और प्रशासन ने उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की, तो वे पुनः उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
- पिछला आंदोलन: संस्था ने याद दिलाया कि 24 अगस्त 2022 को इसी मुद्दे पर आमरण अनशन किया गया था, जिसे स्थानीय विधायकों और प्रशासन के आश्वासन के बाद स्थगित किया गया था।
- प्रशासन की विफलता: पत्र में आरोप लगाया गया है कि लंबे समय के बाद भी प्रशासन अपनी प्रतिज्ञा भूल गया है और नशे के कारोबार पर कोई प्रभावी रोक नहीं लगी है।
- प्रमुख मांगें: * नशीली दवाओं और सूखे नशे की बिक्री के खिलाफ कड़ा कानून बनाया जाए।
- नशे के मुख्य वितरण केंद्रों और पार्किंग क्षेत्रों में सघन जांच हो।
- बाहर से आकर अवैध झुग्गी-झोपड़ी डालने वालों का सत्यापन किया जाए।
- सहयोग का प्रस्ताव: युवाओं और व्यापारियों ने मुख्यमंत्री से निवेदन किया है कि वे इस अभियान में शासन का पूर्ण सहयोग करने को तैयार हैं, लेकिन सुनवाई न होने पर वे फिर से सड़कों पर उतरेंगे।














