डॉ. चिन्मय पण्ड्या का आह्वान:  “कुछ हम बदलें, कुछ तुम बदलो, तभी यह ज़माना बदलेगा”

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  • सेवा और संस्कार के संगम से होगा नए युग का निर्माण — गजेंद्र सिंह शेखावत
  • गायत्री परिवार है समाज को दिशा देने वाली युग चेतना: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

देव संस्कृति विश्वविद्यालय में आयोजित ‘ध्वज वंदन समारोह’ एवं शताब्दी समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने माता भगवती देवी शर्मा को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए राज्य के मूल स्वरूप को सुरक्षित रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने समान नागरिक संहिता (UCC), सख्त नकल विरोधी कानून और 10 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाने जैसे ऐतिहासिक निर्णयों का उल्लेख किया। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने संस्थान के सेवा और संस्कारों को नए युग के निर्माण में महत्वपूर्ण बताया। मुख्यमंत्री ने गायत्री परिवार के वैश्विक प्रभाव की सराहना करते हुए इसे समाज को सही दिशा देने वाली एक ‘युग चेतना’ करार दिया।

देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने शताब्दी समारोह को युगऋषि आचार्यश्री का “खोया-पाया विभाग” बताते हुए कहा कि यह स्वयं को और अपने कर्तव्यों को पुनः खोजने का अवसर है। उन्होंने आत्मपरिवर्तन को सामाजिक परिवर्तन की पहली शर्त बताते हुए जनसमूह से आचरण और विचारों में सकारात्मक बदलाव लाने का आह्वान किया। डॉ. पण्ड्या ने स्पष्ट किया कि यह आयोजन व्यक्ति के सौभाग्य के द्वार खोलने और राष्ट्र निर्माण की नींव सशक्त करने का माध्यम है।

​समारोह में पर्यटन मंत्री स्वामी सतपाल महाराज, राज्य मंत्री विनय रुहेला और सुदर्शन न्यूज के सुरेश चव्हाण सहित कई विशिष्ट अतिथियों ने शिरकत की। डॉ. पण्ड्या ने अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला, न्यायाधीश परविन्दर सिंह और विभिन्न आध्यात्मिक गुरुओं को शांतिकुंज का प्रतीक चिह्न व साहित्य भेंट कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री के आगमन पर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोभाल ने उनका स्वागत किया। इस भव्य आयोजन में विधायक मदन कौशिक सहित कई जनप्रतिनिधि और अमेरिका, कनाडा एवं दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों से आए हजारों स्वयंसेवक उपस्थित रहे।