हरिद्वार: डीप सीवर लाइन निर्माण में बड़ी लापरवाही, ऐतिहासिक डाट वाला नाला तोड़ा

Listen to this article

हरिद्वार। धर्मनगरी में विदेशी बैंकों द्वारा वित्त पोषित डीप सीवर लाइन डालने का कार्य विवादों के घेरे में आ गया है। उत्तराखंड पेयजल निगम (गंगा) द्वारा कराए जा रहे इस कार्य में भ्रष्टाचार और लापरवाही के गंभीर आरोप लगाते हुए आज प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल ने जमकर प्रदर्शन किया। व्यापारियों का आरोप है कि कार्यदायी संस्था द्वारा मानकों की अनदेखी की जा रही है, जिसका ताजा प्रमाण मनसा देवी रोपवे के समीप देखने को मिला।

​यहाँ अंग्रेजों के जमाने के प्राचीन ‘डाट वाले नाले’ को सीवर लाइन डालने के दौरान क्षतिग्रस्त कर दिया गया। आरोप है कि संस्था ने नाले का नवनिर्माण करने के बजाय उसे चुपचाप मिट्टी से भर दिया, जिससे मुख्य सड़क पर कुएं के समान गहरा गड्ढा बन गया है। जिला महामंत्री संजय त्रिवाल के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में व्यापारियों ने कहा कि चारधाम यात्रा शुरू होने में महज एक सप्ताह शेष है, लेकिन कार्य की रफ्तार बेहद सुस्त है और गुणवत्ता शून्य। अपनी गलती छिपाने के लिए बिना मरम्मत के गड्ढे को भरना किसी बड़ी दुर्घटना को दावत देने जैसा है।

​वरिष्ठ व्यापारी नेता तेज प्रकाश साहू ने अधिकारियों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि बड़े अधिकारी वातानुकूलित कमरों में बैठकर केवल आर्थिक लाभ देख रहे हैं और बिना तकनीकी विशेषज्ञों के काम कराया जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान गुजरात से आए यात्री जितेंद्र कामेश्वर भाई ने भी हरिद्वार की सड़कों की बदहाल स्थिति पर प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लिया। इस दौरान कल्लू पहलवान, गोपी जाटव, गगन गुगनानी और सुमित कुमार सहित कई व्यापारी उपस्थित रहे, जिन्होंने चेतावनी दी कि यदि कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।