चारधाम यात्रा: अब तक 4 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
हरिद्वार। पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने ऋषिकुल मैदान स्थित पंजीकरण केंद्र का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को ‘अतिथि देवो भव’ की परंपरा का पालन करते हुए यात्रियों के साथ सौम्य व्यवहार करने के निर्देश दिए।
- प्रमुख आंकड़े: अब तक कुल 4,07,961 तीर्थयात्री दर्शन कर चुके हैं।
- धाम वार दर्शन: केदारनाथ (2.07 लाख), यमनोत्री (57 हजार), गंगोत्री (57 हजार) और बद्रीनाथ (84 हजार)।
- कुल पंजीकरण: ऑनलाइन और ऑफलाइन मिलाकर अब तक 24.68 लाख से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं।
राजवीर हत्याकांड का खुलासा: प्रेम संबंध में बाधा बनने पर हुई थी हत्या

हरिद्वार। एसएसपी नवनीत सिंह ने रोशनाबाद में प्रेस वार्ता कर 27 अप्रैल को हुए राजवीर हत्याकांड का पर्दाफाश किया। पुलिस ने आरोपी पंकज कुमार और उसके साथी छोटेलाल को गिरफ्तार कर लिया है।
- वजह: आरोपी पंकज का राजवीर की विवाहित बेटी के साथ प्रेम संबंध था। राजवीर इस रिश्ते के खिलाफ था, जिसके चलते आरोपियों ने सिर पर हथौड़ा मारकर उसकी हत्या कर दी।
- बरामदगी: पुलिस ने आरोपियों के पास से मोबाइल और मोटरसाइकिल बरामद कर ली है। दोनों को जेल भेज दिया गया है।
हरिद्वार में सड़कों की मरम्मत कार्य में आई तेजी

हरिद्वार। चारधाम यात्रा को देखते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर सीवरेज कार्य के लिए खोदी गई सड़कों को ठीक करने का काम युद्ध स्तर पर जारी है।
- प्रगति: पेयजल निगम की परियोजना प्रबंधक मीनाक्षी मित्तल ने बताया कि पैकेज-1 और पैकेज-2 के तहत राणा कॉलोनी, इंद्रा इंक्लेव, शांति मार्ग और शिवपुरम जैसी कॉलोनियों में 540 मीटर से अधिक सीसी रोड और इंटरलॉकिंग का कार्य पूर्ण कर लिया गया है।
- लक्ष्य: यात्रियों की सुविधा के लिए दिन-रात कार्य कर सड़कों को सुगम बनाया जा रहा है।
ऋषिकुल केंद्र: एक ही दिन में 2949 नए पंजीकरण

हरिद्वार। ऋषिकुल मैदान स्थित यात्री पंजीकरण केंद्र पर बुधवार को 2,949 नए यात्रियों ने चारधाम यात्रा के लिए टोकन/पंजीकरण प्राप्त किया।
- विवरण: इनमें केदारनाथ के लिए सबसे अधिक 811 और बद्रीनाथ के लिए 806 यात्रियों ने रुचि दिखाई।
- कुल उपलब्धि: इस केंद्र से अब तक कुल 33,395 यात्री अपना पंजीकरण करा चुके हैं।
शैक्षणिक भ्रमण: छात्राओं ने जानी ‘वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट’ की बारीकियां

हरिद्वार। पर्यावरण विज्ञान की छात्राओं ने जगजीतपुर स्थित ट्रीटमेंट प्लांट (STP) का दौरा कर जल शोधन की आधुनिक प्रक्रियाओं को समझा।
- सीख: छात्राओं ने स्क्रीनिंग चैंबर और स्लज ट्रीटमेंट यूनिट का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया।
- विशेषज्ञ राय: प्रो. संगीता मदान ने एसबीआर (SBR) तकनीक और नदियों को प्रदूषण मुक्त रखने में एसटीपी की भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी। छात्राओं ने इस अनुभव को अपने शोध और करियर के लिए बेहद उपयोगी बताया।













