हरिद्वार जिले के लक्सर स्थित एक टायर फैक्ट्री में दूषित पानी के सेवन से हड़कंप मच गया, जहाँ लगभग 250 से अधिक कर्मचारियों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। बताया जा रहा है कि फैक्ट्री में काम के दौरान कर्मचारियों को उल्टी, दस्त और पेट दर्द की गंभीर शिकायतें होने लगीं। देखते ही देखते बीमार कर्मचारियों की संख्या इतनी बढ़ गई कि प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।

छह हजार की विशाल कर्मचारी संख्या वाली इस फैक्ट्री में जब एक के बाद एक श्रमिकों का स्वास्थ्य बिगड़ा, तो प्राथमिकता के आधार पर ज्यादातर कर्मचारियों को फैक्ट्री परिसर के भीतर स्थित डिस्पेंसरी में ही प्राथमिक उपचार दिया गया। उपचार के बाद अधिकतर श्रमिकों को छुट्टी दे दी गई, लेकिन 25 से अधिक कर्मचारियों की स्थिति अधिक चिंताजनक होने के कारण उन्हें तत्काल लक्सर और हरिद्वार के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया। फिलहाल अस्पतालों में उपचाराधीन इन कर्मचारियों की स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
घटना के कारणों की पड़ताल के दौरान कर्मचारियों ने स्पष्ट रूप से दूषित पानी के सेवन को इस बीमारी की मुख्य वजह बताया। मामले की गंभीरता को देखते हुए फैक्ट्री प्रबंधन ने एहतियाती कदम उठाए हैं और वर्तमान में प्लांट के भीतर स्थित पानी के टैंकों का उपयोग बंद कर बाहर से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। फैक्ट्री के पानी के नमूनों को गहन जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। इस संबंध में जानकारी देते हुए फैक्ट्री के एचआर हेड आलोक कुमार ने बताया कि यद्यपि शुरुआती जांच रिपोर्ट में पानी के मानक सही पाए गए हैं, लेकिन बैक्टीरिया संबंधी जांच के लिए एक अलग सैंपल भेजा गया है जिसकी विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग और फैक्ट्री प्रशासन पूरे मामले पर निगरानी बनाए हुए हैं।













