डिजिटल युग में भी बरकरार है अखबारों का जादू: बंशीधर तिवारी
हरिद्वार: सूचना एवं लोक संपर्क विभाग के महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने कहा है कि सोशल मीडिया के दौर में भी समाचार पत्रों की विश्वसनीयता और चाय की चुस्की के साथ अखबार पढ़ने का सुख आज भी पूरी तरह बरकरार है।
- विश्वसनीयता और प्रमाणिकता: डिजिटल माध्यमों और सोशल मीडिया पर पल-पल की खबरें मिलती हैं, लेकिन प्रामाणिक और तथ्यपरक खबरों के लिए आज भी लोग सुबह अखबार पर ही भरोसा करते हैं।
- भ्रामक खबरों की चुनौती: सोशल मीडिया पर बिना सत्यापन के सूचनाओं और एआई (AI) आधारित फर्जी सामग्री का खतरा बढ़ा है, जिससे जिम्मेदार पत्रकारिता की भूमिका और महत्वपूर्ण हो गई है।
- अखबारों की प्रक्रिया: समाचार पत्र संपादकीय जांच, रिपोर्टिंग और तथ्यों के कड़े सत्यापन से गुजरते हैं, जो उनकी सबसे बड़ी ताकत है।
- दोहरी जिम्मेदारी: मीडिया संस्थानों को तकनीक का उपयोग करते हुए सत्यता, निष्पक्षता और संतुलन जैसे सिद्धांतों से समझौता नहीं करना चाहिए।
महानिदेशक ने निष्कर्ष दिया कि सोशल मीडिया त्वरित सूचना का माध्यम है, जबकि समाचार पत्र गहराई और प्रमाणिकता के प्रतीक हैं। तकनीकी बदलाव के बावजूद प्रिंट मीडिया का महत्व कम होने के बजाय और अधिक प्रासंगिक हो गया है।














