
हरिद्वार, 29 अप्रैल 2025: ज़िलाधिकारी कर्मेन्द्र सिंह के निर्देश पर हरिद्वार जनपद में देशी और विदेशी शराब की दुकानों पर उप जिलाधिकारियों ने औचक निरीक्षण और छापेमारी की कार्रवाई की। इस दौरान कई दुकानों में अनियमितताएं पाई गईं।
विशेष भूमि अध्यापति अधिकारी लक्ष्मीराज चौहान ने बताया कि सलेमपुर तिराहा स्थित विदेशी शराब की दुकान पर किंगफिशर स्ट्रांग बीयर 195 रुपये की जगह 200 रुपये में बेची जा रही थी और ग्राहकों को बिल भी नहीं दिया जा रहा था। दुकान पर कार्यरत तीन सेल्समैनों के पास पहचान पत्र नहीं थे और रेट लिस्ट का बोर्ड निर्धारित आकार से छोटा पाया गया। दुकान में टोल फ्री नंबर और ज़िला आबकारी अधिकारी का नंबर भी मौजूद नहीं था। बेगमपुर की विदेशी शराब की दुकान पर रेट लिस्ट बाहर नहीं लगी थी, सीसीटीवी कैमरे बंद थे और स्टॉक रजिस्टर भी आबकारी कार्यालय में बताया गया।
नगर मजिस्ट्रेट कुश्म चौहान ने बहादराबाद बाईपास स्थित शराब की दुकान पर रॉयल स्टैग हाफ की बोतल 410 रुपये में बेची जा रही थी, जबकि उसका एमआरपी 405 रुपये था। यहाँ भी ग्राहकों को बिल नहीं दिया जा रहा था और तीन सेल्समैन बिना पहचान पत्र के मिले। दुकान पर रेट लिस्ट नहीं लगी थी और नौ में से केवल पाँच सीसीटीवी कैमरे ही काम कर रहे थे। स्टॉक रजिस्टर उपलब्ध नहीं कराया गया और दुकान में टोल फ्री नंबर व ज़िला आबकारी अधिकारी का नंबर नहीं था। नया गांव स्थित शराब की दुकान पर भी ओवर रेटिंग की शिकायत मिली और सीसीटीवी कैमरे बंद पाए गए।
रूड़की के अपर उप जिलाधिकारी प्रेम लाल ने झबरेड़ा स्थित विदेशी शराब की दुकान के निरीक्षण में स्टॉक रजिस्टर में बिक्री दर्ज पाई, लेकिन इकबालपुर की दुकान पर रॉयल चैलेंज की 36 बोतलें और रॉयल स्टैग की 12 बोतलें कम मिलीं, जिनका कोई हिसाब नहीं दिया जा सका। साथ ही, 23 अप्रैल के बाद कोई रिकॉर्ड दर्ज नहीं किया गया था।
भगवानपुर के उप जिलाधिकारी अजयवीर सिंह ने इमलीखेड़ा धर्मपुर के ठेके पर देशी, विदेशी शराब और ठंडी बीयर की दुकान पर रेट लिस्ट न होने, प्राइवेट लड़कों द्वारा शराब बेचे जाने, बोतल के प्रिंट रेट से 10 रुपये अधिक वसूली और घरेलू गैस सिलेंडर पाए जाने जैसी अनियमितताएं दर्ज कीं।
हालांकि, लक्सर के उप जिलाधिकारी सौरभ असवाल द्वारा खानपुर और रायसी तहसील में तथा हरिद्वार के उप जिलाधिकारी जितेन्द्र कुमार द्वारा जगजीतपुर और धनपुरा की विदेशी शराब की दुकानों के निरीक्षण में कोई अनियमितता नहीं पाई गई।
सभी उप जिलाधिकारियों ने अपनी निरीक्षण रिपोर्ट आवश्यक कार्रवाई के लिए ज़िलाधिकारी को भेज दी है।













