देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास पर नेपाल के सुदूर पश्चिम प्रांत के मुख्यमंत्री कमल बहादुर शाह के नेतृत्व में आए 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने भारत और नेपाल के बीच सदियों पुराने मैत्रीपूर्ण संबंधों को और अधिक मजबूत करने की दिशा में गहन चर्चा की। विशेष रूप से, सीमावर्ती क्षेत्रों में आपसी सहयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
बैठक में, मुख्यमंत्री धामी और मुख्यमंत्री शाह ने सीमावर्ती जिलों में आपसी समन्वय स्थापित कर विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। दोनों पक्षों ने महसूस किया कि साझा विकास परियोजनाओं से दोनों क्षेत्रों के निवासियों को समान रूप से लाभ होगा।
इसके अतिरिक्त, दोनों नेताओं ने उत्तराखंड और नेपाल के बीच गहरे सांस्कृतिक और धार्मिक संबंधों को और अधिक बढ़ावा देने के तरीकों पर भी विचार-विमर्श किया। उन्होंने साझा विरासत और परंपराओं को संरक्षित करने और लोगों के बीच आपसी समझ और सद्भाव को बढ़ाने की आवश्यकता पर सहमति व्यक्त की।
पर्यटन विकास के क्षेत्र में सहयोग की अपार संभावनाओं को देखते हुए, इस विषय पर भी विस्तार से चर्चा हुई। दोनों मुख्यमंत्रियों ने सीमावर्ती क्षेत्रों में संयुक्त पर्यटन सर्किट विकसित करने और पर्यटकों की आवाजाही को सुगम बनाने के उपायों पर विचार किया। इससे न केवल आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा बल्कि दोनों देशों के लोगों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान भी बढ़ेगा।
बैठक के दौरान, आपदा प्रबंधन एक महत्वपूर्ण विषय के रूप में उभरा। उत्तराखंड और नेपाल दोनों ही हिमालयी क्षेत्र में स्थित होने के कारण प्राकृतिक आपदाओं के प्रति संवेदनशील हैं। इस संदर्भ में, दोनों नेताओं ने आपदा की स्थिति में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए सूचना और संसाधनों के आदान-प्रदान को मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नेपाली प्रतिनिधिमंडल का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए कहा कि उत्तराखंड और नेपाल के बीच अटूट संबंध हैं और यह मुलाकात इन संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास और दोनों देशों के नागरिकों के कल्याण के लिए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
वहीं, नेपाल के सुदूर पश्चिम प्रांत के मुख्यमंत्री कमल बहादुर शाह ने मुख्यमंत्री धामी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह बैठक अत्यंत सार्थक रही और इससे द्विपक्षीय सहयोग को एक नई दिशा मिलेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि आपसी समन्वय से सीमावर्ती क्षेत्रों में विकास की गति तेज होगी और दोनों देशों के लोगों को इसका लाभ मिलेगा।
इस महत्वपूर्ण बैठक में दोनों पक्षों के उच्चाधिकारियों ने भी भाग लिया, जिन्होंने विभिन्न विषयों पर अपने विचार और सुझाव प्रस्तुत किए। यह मुलाकात भारत और नेपाल के बीच मजबूत और सौहार्दपूर्ण संबंधों को और प्रगाढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
2025-05-03













