उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता: मुख्यमंत्री धामी ने देवसंस्कृति विश्वविद्यालय में कार्यशाला का शुभारंभ (उद्घाटन) किया

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हरिद्वार: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देवसंस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार में “समान नागरिक संहिता” (Uniform Civil Code – UCC) पर आयोजित एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने UCC के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे सभी नागरिकों के बीच समानता और सामंजस्य स्थापित करने का एक ऐतिहासिक कानूनी प्रयास बताया।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि UCC जाति, धर्म, लिंग आदि के आधार पर होने वाले कानूनी भेदभाव को समाप्त करेगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जिसने UCC को लागू करके एक नई मिसाल कायम की है। यह कदम राज्य में महिला सशक्तिकरण के एक नए युग की शुरुआत करेगा, क्योंकि इससे महिलाओं को संपत्ति और उत्तराधिकार के समान अधिकार प्राप्त होंगे।
अपने संबोधन में, मुख्यमंत्री ने लिव-इन रिलेशनशिप के संबंध में UCC के नए प्रावधानों की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अब लिव-इन रिलेशनशिप का पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे महिलाओं और बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि यह प्रावधान महिलाओं को सामाजिक और कानूनी सुरक्षा प्रदान करेगा।
उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने इस अवसर पर कहा कि UCC के बारे में व्यापक जागरूकता फैलाने के लिए राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों में कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने इस कानून के महत्व को जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया।
मुख्यमंत्री धामी ने देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के छात्रों से भी UCC के प्रचार-प्रसार में सक्रिय रूप से सहयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने छात्रों से इस महत्वपूर्ण कानून के बारे में लोगों को जागरूक करने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में योगदान देने का आग्रह किया।
यह कार्यशाला UCC के विभिन्न पहलुओं, इसके लाभों और चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा के लिए एक मंच प्रदान करती है, जिससे समाज में इस महत्वपूर्ण कानून के बारे में जागरूकता बढ़ाई जा सके।