हरिद्वार, 6 मई। राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष भगवत प्रसाद मकवाना ने आज सीसीआर टावर में हरिद्वार जिले के नगर निगम और नगर पालिका के उच्च अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने श्रमिकों के हितों की अनदेखी पर नगर निगम के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई।
बैठक में श्रमिकों ने मृतक आश्रितों की नियुक्ति, आवास भत्ता, आवासों का मालिकाना हक, पर्यावरण मित्रों का वरिष्ठता और योग्यता के अनुसार प्रमोशन, बीमा, आउटसोर्स कर्मियों के ईपीएफ और ईएसआई की नियमित कटौती तथा संविदा कर्मियों के आश्रितों को स्थायी नौकरी जैसे मुद्दों पर उपाध्यक्ष के साथ चर्चा की।
उपाध्यक्ष मकवाना ने नगर आयुक्त को सभी संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए जल्द ईपीएफ और ईएसआई की व्यवस्था करने के आदेश दिए। उन्होंने शिवालिक नगर पालिका में पार्षद और सफाई कर्मचारियों के बीच चल रहे विवाद पर सभासद के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की बात कही और कहा कि पार्षदों को सफाई कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार करने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने अधिकारियों को इस संबंध में सभी पार्षदों को पत्र जारी करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने शिवालिक नगर में सफाई कर्मचारियों के एक साल से रुके हुए ईपीएफ और ईएसआई के पैसे के मामले में ठेकेदार शादाब को ब्लैकलिस्ट करने की बात कही।
मकवाना ने नगर निगम, समाज कल्याण विभाग और पंजाब नेशनल बैंक के लीड बैंक मैनेजर को सफाई कर्मचारियों की पुनर्वास योजना में धीमी प्रगति पर फटकार लगाई और जगह-जगह कैंप लगाकर अधिक से अधिक कर्मचारियों को योजना का लाभ दिलाने के लिए कहा। उन्होंने सफाई कर्मचारियों के बच्चों के लिए शिक्षा ऋण की जानकारी देने की भी बात कही।
उन्होंने हरिद्वार की बढ़ती आबादी के अनुसार सफाई कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता जताई। एडीएम दीपेंद्र नेगी को अस्पतालों में सफाई कर्मचारियों को पूरी सैलरी न मिलने और बार-बार ठेकेदार को ठेका दिए जाने के मामले में सीएमओ के खिलाफ जांच के आदेश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि सफाई कर्मचारियों का शोषण करने वालों के खिलाफ वह स्वयं कार्रवाई करेंगे और नगर आयुक्त को श्रमिकों की आवास समस्या का जल्द समाधान करने का निर्देश दिया।
बैठक में एडीएम दीपेंद्र नेगी, नगर आयुक्त नंदन कुमार, रुड़की के नगर आयुक्त, शिवालिक नगर पालिका के ईओ सहित विभिन्न अधिकारी और कर्मचारी यूनियन के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
2025-05-06














