नई दिल्ली: न्यायमूर्ति भूषण रामकृष्ण गवई ने बुधवार को भारत के 52वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें राष्ट्रपति भवन में पद की शपथ दिलाई। न्यायमूर्ति गवई ने न्यायमूर्ति संजीव खन्ना का स्थान लिया, जो हाल ही में सेवानिवृत्त हुए हैं।
मुख्य बिंदु:
* न्यायमूर्ति गवई ने 16 मार्च 1985 को वकालत की शुरुआत की थी और 2019 में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश बने।
* उन्होंने अनुच्छेद 370, राजीव गांधी हत्याकांड, वणियार आरक्षण, नोटबंदी और ईडी निदेशक के कार्यकाल जैसे महत्वपूर्ण मामलों में ऐतिहासिक फैसले दिए हैं।
* न्यायमूर्ति गवई देश के दूसरे अनुसूचित जाति समुदाय से आने वाले मुख्य न्यायाधीश बने हैं।
2025-05-14












