उन्होंने स्पष्ट किया कि नेता छोटा हो या बड़ा, बूथ स्तर पर उनकी भागीदारी अनिवार्य होगी। बूथ की बैठकों में अनुपस्थित रहने वाले नेताओं की जानकारी केंद्रीय नेतृत्व को दी जाएगी। सभी ब्लॉक अध्यक्षों को 31 जुलाई तक अपने सभी बूथ अध्यक्षों की सूची पीसीसी (प्रदेश कांग्रेस कमेटी) को भेजने के निर्देश दिए गए हैं, जिसमें किसी भी प्रकार की कोताही न बरतने की बात कही गई।
शर्मा ने यह भी कहा कि जो पदाधिकारी सक्रिय रूप से काम नहीं कर रहे हैं, वे स्वेच्छा से अपना पद छोड़ दें, ताकि सक्रिय सदस्यों को मौका मिल सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि पार्टी अब प्रदर्शन के आधार पर ही कार्यकर्ताओं को सम्मानित करेगी। इसके अतिरिक्त, उत्तराखंड में हर बड़े नेता को उनके बूथ पर होने वाली बैठकों में बुलाया जाएगा।
सहप्रभारी ने कांग्रेस के सभी धर्मों के प्रति सम्मान की बात दोहराई और भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा महिला सुरक्षा और सम्मान की बात करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर उनके नेता ही महिलाओं का शोषण कर रहे हैं। उन्होंने भाजपा की महिला मोर्चा की पूर्व अध्यक्षा अनामिका शर्मा के कृत्य को ‘घिनौना’ बताया और कहा कि भाजपा सरकारों में भ्रष्टाचार, महिला और दलित-ओबीसी समाज के उत्पीड़न के सबसे ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं।
बैठक में जिला महानगर कांग्रेस अध्यक्ष अमन गर्ग, एससी प्रकोष्ठ अध्यक्ष मदनलाल, स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी प्रकोष्ठ अध्यक्ष मुरली मनोहर सहित कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।












