नैनीताल के भीमताल स्थित रक्षा रिट्रीट में अवैध व्यवसायीकरण और प्रशासनिक अनियमितताओं को लेकर स्थानीय लोगों में भारी रोष है। यहां के निवासी सोसाइटी में बिना पंजीकरण और सुरक्षा स्वीकृति के किराये की इकाइयों के संचालन का आरोप लगा रहे हैं, जिससे शांति भंग हो रही है और पार्किंग की समस्या बढ़ गई है। उनका दावा है कि यह उत्तराखंड होमस्टे नीति का उल्लंघन है, जिसके तहत मेज़बानों को मौके पर रहना और आवश्यक अनुमोदन प्राप्त करना अनिवार्य है।
निवासियों ने अपनी रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) कार्यकारी समिति पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें अवैध चुनाव, हरित क्षेत्रों पर अतिक्रमण और घरों का अनधिकृत व्यावसायिक उपयोग शामिल है। उप-जिलाधिकारी (SDM) नैनीताल के समक्ष यह विवाद पहुँच गया है। चुनाव में धांधली का आरोप मुख्य है, जहाँ निवासियों का कहना है कि 22 अप्रैल 2023 को हुए मतदान में आवश्यक कोरम पूरा नहीं हुआ था। SDM ने चुनाव अधिकारी द्वारा की गई किसी भी कार्यकारी कार्रवाई पर फिलहाल रोक लगा दी है।
इसके अतिरिक्त, यहां के निवासियों का आरोप है कि सामुदायिक उपयोग के लिए आरक्षित हरित क्षेत्रों पर अतिक्रमण कर उन्हें Airbnb मेहमानों के लिए पार्किंग में बदल दिया गया है, जिससे पर्यावरण को नुकसान पहुँच रहा है। निवासियों ने तत्काल कार्रवाई की मांग की है, जिसमें समिति को भंग करना, तटस्थ प्रशासक नियुक्त करना, वित्तीय ऑडिट कराना और सभी Airbnb गतिविधियों पर तब तक रोक लगाना शामिल है जब तक नियमों का पालन नहीं हो जाता। उनका कहना है कि रक्षा रिट्रीट को किराये की सोसाइटी बनने के लिए नहीं बनाया गया था।
2025-07-04













