स्कूली बच्चों से लकड़ी ढुलवाने वाली प्रधानाध्यापिका निलंबित, जिलाधिकारी के निर्देश पर हुई कड़ी कार्रवाई

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हरिद्वार। राजकीय प्राथमिक विद्यालय अजीतपुर (बहादराबाद) की प्रधानाध्यापिका को छात्रों से लकड़ी ढुलवाने के मामले में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित द्वारा मामले का संज्ञान लेने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक शिक्षा) अमित कुमार चन्द ने यह दंडात्मक कार्रवाई की है।

क्या है पूरा मामला?

​हाल ही में मीडिया में एक वीडियो और समाचार प्रसारित हुआ था, जिसमें राजकीय प्राथमिक विद्यालय अजीतपुर की प्रधानाध्यापिका द्वारा विद्यालय के छोटे बच्चों से मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) योजना के लिए लकड़ियाँ ढुलवाई जा रही थीं। जिलाधिकारी ने इस घटना को अत्यंत गंभीर माना और शिक्षा विभाग को तत्काल जांच व कार्रवाई के निर्देश दिए।

इन नियमों का हुआ उल्लंघन

​जिला शिक्षा अधिकारी अमित कुमार चन्द द्वारा जारी आदेश के अनुसार, प्रधानाध्यापिका का यह कृत्य निम्नलिखित अधिनियमों का खुला उल्लंघन है:

  • बाल श्रम (निषेध एवं विनियमन) अधिनियम 1986 (संशोधित 2016): इसकी धारा 3 के तहत बच्चों से इस प्रकार का कार्य कराना प्रतिबंधित है।
  • निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009: धारा-17 के तहत बच्चों को शारीरिक दंड या मानसिक उत्पीड़न देना अपराध है।
  • उत्तराखंड सरकारी सेवक आचरण नियमावली, 2002: यह कृत्य राजकीय सेवक के अपेक्षित आचरण के विपरीत और गंभीर कदाचार की श्रेणी में आता है।

निलंबन और जांच

शिक्षा विभाग ने माना कि बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण और गरिमापूर्ण शैक्षिक वातावरण को बनाए रखने में प्रधानाध्यापिका विफल रही हैं। निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए उन्हें पद से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन की अवधि के दौरान वह उप शिक्षा अधिकारी कार्यालय, बहादराबाद में अपनी उपस्थिति देंगी। विभाग द्वारा उनके विरुद्ध अलग से आरोप पत्र भी जारी किया जाएगा।