
हरिद्वार, उत्तराखंड: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को हरिद्वार में उच्चाधिकारियों के साथ कांवड़ मेला-2025 की तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कांवड़ियों की सुविधा और यात्रा को सुगम बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। मेला इस वर्ष 11 से 23 जुलाई तक आयोजित होगा और इसे 16 सुपर जोन, 37 जोन और 134 सेक्टर में विभाजित किया गया है।
मुख्य निर्देश और पहलें:
* उत्तराखंड कांवड़ यात्रा सेवा ऐप: मुख्यमंत्री ने कांवड़ियों की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने और यात्रा को अधिक सुगम व सुरक्षित बनाने के लिए ‘उत्तराखंड कांवड़ यात्रा सेवा ऐप’ विकसित करने के निर्देश दिए। यह ऐप हर साल की यात्रा में उपयोगी होगा।
* ‘क्लीन और ग्रीन कांवड़ यात्रा’ का संदेश: धामी ने इस वर्ष ‘क्लीन और ग्रीन कांवड़ यात्रा’ का संदेश देने पर जोर दिया। उन्होंने पूरे कांवड़ मार्ग पर हर घंटे सफाई अभियान चलाने, हर 1-2 किलोमीटर पर मोबाइल शौचालय और कूड़ा निस्तारण के लिए विशेष वाहनों की तैनाती के निर्देश दिए।
* सुरक्षा और समन्वय:
मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रा को आगामी कुंभ मेले का ट्रायल बताया और सफल संचालन के लिए जिला प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभागों को चाक-चौबंद व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने उन राज्यों से समन्वय बनाने और रियल टाइम डेटा साझा करने पर भी जोर दिया जहां से अधिकांश कांवड़िए आते हैं।
* अतिक्रमण और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर निगरानी:
यात्रा मार्गों से सभी प्रकार के अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए। साथ ही, ढाबों और होटलों में सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने, फूड लाइसेंस और रेट लिस्ट अनिवार्य रूप से लगाने और ओवर-रेटिंग पर सख्ती से कार्रवाई करने को कहा गया। शराब और मांस से संबंधित एसओपी का भी कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
* स्वास्थ्य और आपातकालीन सेवाएं:
कांवड़ रूट पर हर 2-3 किलोमीटर पर स्वास्थ्य केंद्र, एंबुलेंस और मेडिकल स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित करने और हेल्पलाइन नंबर जारी करने के निर्देश दिए गए।
* यात्रियों की सुविधा:
स्थानीय निकायों के सहयोग से रैन बसेरों, टेंट सिटी और आश्रय स्थलों का निर्माण, आरओ टैंकर और वाटर एटीएम की व्यवस्था करने को कहा गया।
* यातायात और सुरक्षा व्यवस्था: बीते सालों के अनुभवों के आधार पर अतिरिक्त पार्किंग व्यवस्था, सीसीटीवी और ड्रोन से नियमित निगरानी, कांवड़ रूट का जीआईएस मैपिंग आधारित ट्रैफिक प्लान और एआई आधारित ट्रैफिक मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित करने के निर्देश दिए गए। प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए एसडीआरएफ, एनडीआरएफ की तैनाती और पूर्व चेतावनी प्रणाली सक्रिय करने को भी कहा गया।
* जनजागरूकता और अफवाहों पर रोक: सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और कांवड़ियों के लिए ‘क्या करें और क्या न करें’ की जानकारी यात्रा मार्गों पर प्रदर्शित करने के निर्देश भी दिए गए। खोया-पाया केंद्रों की संख्या बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
इस बैठक में राज्यसभा सांसद कल्पना सैनी, विधायक मदन कौशिक सहित कई उच्चाधिकारी और स्थानीय गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।













