ग्रामोत्थान परियोजना ने ‘खुशी स्वयं सहायता समूह’ को बनाया लखपति: फूलों की खेती से खुली समृद्धि की राह

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हरिद्वार, 18 जुलाई, 202: हरिद्वार की मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती आकांक्षा कोण्डे के निर्देशानुसार, जनपद में अल्ट्रा पूवर सपोर्ट के तहत एंटरप्राइजेज स्थापित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में, नारसन विकासखंड के हरचंदपुर गांव का ‘खुशी स्वयं सहायता समूह’ ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना के सहयोग से फूलों की खेती (फ्लोरीकल्चर) में लखपति बन गया है। यह सफलता प्रधानमंत्री के ‘लखपति दीदी’ सपने का एक साकार उदाहरण है।
पहले अत्यंत गरीबी में जीवनयापन कर रहे इस समूह का गठन 16 जनवरी, 2025 को एन.आर.एल.एम. की प्रेरणा से हुआ था। समूह की अध्यक्षा श्रीमती आंचल देवी हैं। समूह से जुड़ने के बाद, ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना ने उन्हें न केवल आर्थिक और सामाजिक सहयोग दिया, बल्कि फ्लोरीकल्चर का व्यावसायिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया।
परियोजना ने समूह को ग्राम मुंडलाना स्थित ‘श्री राधे कृष्णा बहुद्देश्यीय स्वायत्त सहकारिता (सी.एल.एफ.)’ से जोड़ा। वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए नारसन ब्लॉक ने समूह के लिए ₹10 लाख का एक विस्तृत व्यावसायिक प्लान तैयार किया। इसमें ₹3 लाख का बैंक ऋण, लाभार्थियों का ₹1 लाख का अंशदान, और परियोजना द्वारा ₹6 लाख की अतिरिक्त वित्तीय सहायता शामिल थी। इस सहयोग ने समूह की कार्यशील और स्थायी पूंजी की कमी को दूर किया, जिससे उन्हें अपने व्यवसाय का विस्तार करने में मदद मिली।
आज, ‘खुशी स्वयं सहायता समूह’ 9 बीघा जमीन पर गेंदे के फूलों की खेती कर रहा है और एक सफल व्यावसायिक इकाई के रूप में स्थापित हो चुका है। पिछले छह महीनों में, समूह ने ₹2,40,000 की लागत से 20,000 पौधे खरीदे और ₹9,00,000 मूल्य के 30,000 किलोग्राम फूल बेचे। सभी खर्चों के बाद, समूह ने ₹4,21,800 का शुद्ध लाभ अर्जित किया है।
‘खुशी स्वयं सहायता समूह’ की यह प्रेरक कहानी दृढ़ संकल्प और सही समर्थन से जीवन बदलने की क्षमता का प्रमाण है।