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2027 कुंभ और 2026 कांवड़ मेले की तैयारी: हरिद्वार में समितियों का गठन

हरिद्वार में 2027 के कुंभ मेले और 2026 के कांवड़ मेले के सफल आयोजन के लिए तैयारियों का दौर शुरू हो गया है। मेला अधिकारी सोनिका की अध्यक्षता में एक बैठक हुई, जिसमें श्रद्धालुओं की भीड़ को बेहतर ढंग से प्रबंधित करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक में मेला अधिकारी ने हरकी पौड़ी क्षेत्र में बढ़ती भीड़ को देखते हुए कांगड़ा घाट, जाह्नवी मार्केट का विस्तारीकरण, और रामप्रसाद गली के सुधारीकरण के लिए एक संयुक्त कमेटी बनाई है। इस कमेटी में एसडीएम हरिद्वार, पुलिस उपाधीक्षक और सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता को शामिल किया गया है, जिन्हें एक हफ्ते के भीतर कार्यों का प्रस्ताव देने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके साथ ही, मनसा देवी और चंडी देवी के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए मनसा देवी सड़क मार्ग, सीढ़ी मार्ग और चंडी देवी पैदल मार्ग पर भी सुधार कार्य किए जाएंगे। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को इन कार्यों का प्रस्ताव एक सप्ताह में देने को कहा गया है।
अन्य महत्वपूर्ण निर्णयों में क्षतिग्रस्त पुलों की मरम्मत, नए पुलों के निर्माण के लिए स्थानों की पहचान, शहर के बाहर आईएसबीटी (बस अड्डा) के लिए भूमि का चिह्नांकन और उचित पार्किंग व्यवस्था के लिए जमीन तलाशने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, शहर के जिन चौराहों पर जाम लगता है, उनके सुधार के लिए भी प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सभी अधिकारियों को समय पर प्रस्ताव उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

आपदा पीड़ितों की मदद के लिए आगे आया IAS एसोसिएशन

उत्तराखंड में हाल ही में आई भीषण प्राकृतिक आपदा के पीड़ितों की सहायता के लिए उत्तराखंड आईएएस एसोसिएशन ने एक सराहनीय पहल की है। एसोसिएशन के अध्यक्ष एल.ए. फैनई की अध्यक्षता में हुई बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि राज्य के सभी भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी एक दिन का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में देंगे।
यह फैसला उत्तरकाशी जिले के धराली क्षेत्र में आई आपदा की गंभीरता पर विचार करने के बाद लिया गया है। एसोसिएशन ने इसे मानवीय संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रतीक बताया है। सचिव दिलीप जावलकर ने कहा कि इस आपदा की घड़ी में हर सदस्य से संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ पूरा सहयोग करने की अपेक्षा है, क्योंकि ऐसी आपदाओं में हर नागरिक और अधिकारी की भागीदारी बहुत महत्वपूर्ण होती है।

फर्जी और AI-जनरेटेड वीडियो के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई शुरू

उत्तरकाशी के धराली में आई भीषण आपदा के बाद सोशल मीडिया पर बाढ़ से संबंधित कई फर्जी और AI-जनरेटेड वीडियो प्रसारित हो रहे हैं। इन वीडियो से लोगों में भय का माहौल फैल रहा है, जिसके चलते पुलिस प्रशासन ने इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रेमेंद्र डोभाल ने बताया कि ऐसे कुछ वीडियो उनके संज्ञान में आए हैं, जिनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने ग्रुप एडमिन से भी अपील की है कि वे इस तरह के वीडियो को तुरंत डिलीट करें और ऐसे लोगों को ग्रुप से हटा दें। उन्होंने चेतावनी दी है कि भय का माहौल बनाने वाले ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मुख्य विकास अधिकारी ने किया विकासखंड खानपुर का औचक निरीक्षण

मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) आकांक्षा कोंडे ने अचानक विकासखंड खानपुर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ब्लॉक परिसर में स्थित सिंघाडा प्रोसेसिंग यूनिट का निरीक्षण किया और इसके संचालन के लिए रणनीति पर चर्चा की। उन्होंने सीएलएफ को अगस्त माह में सिंघाड़ा आटे की बिक्री बढ़ाने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान सीडीओ ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित सामुदायिक संगठनों के वित्तीय समावेशन के लिए सक्षम केंद्र का उद्घाटन भी किया। इसके सफल संचालन के लिए एफएलसीआरपी श्रीमती पिंकी देवी को दिशा-निर्देश दिए गए।
सीडीओ ने विकासखंड परिसर में स्थित पुराने आवासों का भी निरीक्षण किया और खंड विकास अधिकारी को लोक निर्माण विभाग से इनका निरीक्षण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को समय पर उपस्थित होकर जनसमस्याओं का समाधान करने की हिदायत दी। उन्होंने कार्यालयों में व्यवस्थाएं सुधारने और नामपट्टिका लगाने के भी निर्देश दिए।

समाजसेवी डॉ. जयप्रकाश त्यागी ने मां अन्नपूर्णा रसोई का आजीवन खर्च उठाने की घोषणा

अखिल भारतीय गालव पूर्व त्यागी ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उद्योगपति डॉ. जयप्रकाश त्यागी ने समाजसेवा की मिसाल पेश करते हुए भूपतवाला स्थित त्यागी आश्रम में मां अन्नपूर्णा रसोई का आजीवन खर्च उठाने की घोषणा की है।
इस पुनीत कार्य के लिए उन्होंने आश्रम को एक घंटे में 2,000 रोटी बनाने वाली मशीन, आटा गूंथने और रोटी सेंकने वाली मशीन, और बर्तनों के साथ-साथ ट्रक भरकर आटा, घी, तेल, दाल, चावल और मसाले जैसी सामग्री प्रदान की। इसके अतिरिक्त, उन्होंने दूध और सब्जी का पूरे साल का खर्च भी आश्रम के महंत बाबा प्रेमगिरी जी महाराज को सौंपा।
डॉ. त्यागी ने कहा कि वे इस धार्मिक कार्य को आजीवन जारी रखेंगे और आश्रम के जीर्णोद्धार में भी सहयोग करेंगे। उनका मानना है कि क्षेत्र में कोई भी साधु-सन्यासी, आगंतुक या गरीब भूखा नहीं रहना चाहिए। आश्रम के महंत स्वामी प्रेमगिरी जी महाराज और अन्य समाजसेवियों ने डॉ. त्यागी के इस निर्णय की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए एक प्रेरणा बताया।