हरिद्वार : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के जन्मदिन के अवसर पर हरिद्वार के प्रेम आश्रम में आयोजित एक समारोह में हिस्सा लिया। इस दौरान, उन्होंने सतपाल महाराज को जन्मदिन की शुभकामनाएँ दीं और उनके अच्छे स्वास्थ्य और लंबी आयु की कामना करते हुए कहा कि आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक सेवा और राष्ट्र निर्माण में उनका योगदान अनुकरणीय है।
मुख्यमंत्री धामी ने समारोह में उपस्थित लोगों को नवरात्रि पर्व की अग्रिम शुभकामनाएँ भी दीं। उन्होंने कहा कि यह पर्व हम सभी को नई ऊर्जा, भक्ति और सेवा का संदेश देता है।
सतपाल महाराज: त्याग, सेवा और परोपकार की मिसाल
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भव्य समारोह सतपाल महाराज के प्रति जनता के स्नेह और सम्मान को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि महाराज ने अपने कार्यों से समाज में आध्यात्मिक चेतना और लोक कल्याण का संदेश फैलाया है, जिसने लोगों के दिलों में गहरी छाप छोड़ी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सतपाल महाराज ने राजनीति के साथ-साथ समाजसेवा, संस्कृति संरक्षण और उत्तराखंड राज्य निर्माण जैसे आंदोलनों में भी सक्रिय योगदान दिया है। उनका जीवन सेवा, त्याग और परोपकार से भरा है। उन्होंने महाराज को समाज में प्रेम और भाईचारे का संदेशवाहक बताया, जिसके चलते उनकी ‘मानव सेवा एवं उत्थान समिति’ देशभर में सामाजिक समरसता और मानव कल्याण के लिए सराहनीय कार्य कर रही है।
पर्यटन और तीर्थाटन में महत्वपूर्ण भूमिका
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार में वरिष्ठ मंत्री के रूप में सतपाल महाराज ने पर्यटन, संस्कृति और तीर्थाटन के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके प्रयासों से चारधाम यात्रा, मानसखंड कॉरिडोर और अन्य तीर्थ स्थलों का पुनरुत्थान हुआ है। उनके नेतृत्व में उत्तराखंड को ‘बेस्ट एडवेंचर टूरिज्म डेस्टिनेशन’ और ‘राष्ट्रीय पर्यटन पुरस्कार’ जैसे सम्मान भी मिले हैं।
सीएम धामी ने कहा कि उन्होंने महाराज के जीवन को करीब से देखा है और वे एक ऐसे कर्मयोगी हैं जो आध्यात्मिकता के साथ राष्ट्र सेवा के प्रति भी समर्पित हैं। उन्होंने सभी लोगों से सतपाल महाराज के जीवन से प्रेरणा लेने और समाजसेवा, आस्था और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का आग्रह किया।
इस समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, विधायक प्रदीप बत्रा, आदेश चौहान, दुर्गेश लाल सहित कई जनप्रतिनिधि, संत-महात्मा और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। समारोह में सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी दी गईं।













