हरिद्वार संक्षिप्त: हरिद्वार की आज की प्रमुख घटनाओं के ताजा समाचार, यहां देखें

Listen to this article

ज्वालापुर विधायक रवि बहादुर ने किया सड़क निर्माण कार्य का शुभारंभ

​ज्वालापुर विधायक रवि बहादुर ने विधानसभा क्षेत्र के ग्राम दादूपुर गोविन्दपुर में लगभग 25 लाख रुपये की लागत से बनने वाली इंटरलॉकिंग टाइल सड़क और पुलिया मरम्मत कार्य का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र का विकास और उसे सुविधा संपन्न बनाना उनकी प्राथमिकता है। उनका लक्ष्य ज्वालापुर विधानसभा क्षेत्र को आदर्श विधानसभा क्षेत्र के रूप में विकसित करना है, जिसके लिए निरंतर विकास कार्य कराए जा रहे हैं।

एसएमजेएन कॉलेज में हिंदी उत्सव का आयोजन

एसएमजेएन कॉलेज के हिंदी विभाग और आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ द्वारा हिंदी उत्सव कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में हिंदी भाषा के उद्भव और विकास पर प्रकाश डाला गया। छात्र-छात्राओं ने कविता पाठ, नृत्य नाटिका, सोरदास के पदों का गायन, और दुर्गा सप्तशती से स्तुति जैसी कई मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। प्राचार्य प्रोफेसर सुनील कुमार बत्रा ने हिंदी भाषा के स्वतंत्रता आंदोलन में एकता के सूत्र के रूप में महत्व पर जोर दिया। कार्यक्रम का समापन हिंदी एवं सामान्य ज्ञान की प्रश्नोत्तरी के साथ हुआ।

देवस्थानों की गरिमा बनाए रखने के लिए अखाड़ा परिषद शुरू करेगी अभियान

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने श्रद्धालुओं से देवस्थानों की गरिमा बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि देवस्थानों को पिकनिक स्थल बनाए जाने से देवी-देवता रूष्ट हो रहे हैं, जिसके कारण आपदाओं का सामना करना पड़ रहा है। अखाड़ा परिषद जल्द ही इस संबंध में जागरूकता अभियान शुरू करेगी। साथ ही, श्रीमहंत रविंद्रपुरी ने कहा कि अखाड़ा परिषद का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मिलकर देवस्थानों पर शराब और मांस की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के लिए कानून लागू करने की मांग करेगा।

आसुरी शक्तियों का संहार करती हैं मां काली – स्वामी कैलाशानंद गिरी

श्रीदक्षिण काली मंदिर के परमाध्यक्ष और निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज विश्व शांति और आपदाओं से देश-प्रदेश की रक्षा के लिए प्रतिदिन 7 घंटे मां दक्षिण काली की साधना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मां काली माता पार्वती का स्वरूप हैं, जिनका जन्म आसुरी शक्तियों के संहार के लिए हुआ था। उनकी आराधना से नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव दूर होता है और देश को आपदाओं से राहत मिलती है। मंदिर में नवरात्र महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है और विशेष सजावट की गई है।