यूकेएसएसएससी नकल मामला: एसआईटी द्वारा जन संवाद बैठकें
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर, उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की स्नातक स्तरीय प्रतियोगिता परीक्षा 2025 में कथित नकल संबंधी आरोपों की गंभीरता से जाँच के लिए विशेष अन्वेषण दल (एसआईटी) का गठन 24 सितंबर 2025 को किया गया है।
एसआईटी ने जाँच आगे बढ़ाते हुए जन संवाद बैठकों का आयोजन प्रस्तावित किया है, जिसमें इच्छुक प्रतियोगी अभ्यर्थी, उनके अभिभावक, कोचिंग संस्थान और जनसरोकार से संबंधित व्यक्ति शामिल हो सकते हैं। वे अपनी शंकाएं, प्रश्न या कोई सूचना एसआईटी के समक्ष साझा कर सकते हैं।
- हरिद्वार जिले में: 27 सितंबर 2025 को कलेक्ट्रेट सभागार में, दोपहर 12:00 बजे से 1:00 बजे तक।
- टिहरी गढ़वाल जिले में: 29 सितंबर 2025 को कलेक्टर सभागार में, दोपहर 12:00 बजे से 1:00 बजे तक।
यूकेपीएससी परीक्षा परिणाम पर भ्रामक वीडियो का खंडन
उत्तराखंड लोक सेवा आयोग के प्रभारी सचिव, अशोक कुमार पाण्डेय ने ‘अन्वेषक कम संगणक एवं सहायक सांख्यिकीय अधिकारी परीक्षा-2023’ के चयन परिणाम (दिनांक 18 सितंबर 2025) को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को भ्रामक एवं असत्य बताया है।

वस्तुस्थिति:
- कम्प्यूटर ज्ञान की अर्हकारी परीक्षा केवल अन्वेषक कम संगणक (सहकारी समितियों), सांख्यिकीय सहायक (महिला सशक्तिकरण) और अन्वेषक/संगणक (महिला सशक्तिकरण) पदों के लिए ली गई थी। जो अभ्यर्थी इसमें न्यूनतम अंक प्राप्त नहीं कर पाए, उन्हें इन पदों के लिए विचारित नहीं किया गया।
- वीडियो में उल्लिखित अभ्यर्थी (मनोज सिंह धामी, मनोज सिंह एवं सत्येन्द्र सिंह) अपने प्राप्त अंकों और पदों की वरीयता के आधार पर सहायक सांख्यिकी अधिकारी/सहायक शोध अधिकारी (अर्थ एवं संख्या विभाग) के पद पर चयनित हुए हैं, जिसके लिए कम्प्यूटर की अर्हकारी परीक्षा अनिवार्य नहीं थी।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि भ्रामक अफवाह फैलाने और आयोग की छवि धूमिल करने वालों के विरुद्ध विधिक कार्यवाही की जाएगी।
हरिद्वार में मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान की स्थापना जल्द
सीएम की घोषणा के अनुरूप हरिद्वार में मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान की स्थापना शीघ्र की जाएगी। पर्यटन सचिव धीराज सिंह गर्ज्याल की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस पर चर्चा हुई।
मुख्य निर्णय और प्रस्ताव:
- संस्थान का उद्देश्य: ज्योतिष, आयुर्वेद, योग, ध्यान, एवं अध्यात्म का अध्ययन करना।
- हरिद्वार का विकास: हरिद्वार को अंतर्राष्ट्रीय योग राजधानी एवं अध्यात्मिक पर्यटन के बड़े स्थल के रूप में स्थापित करना।
- हेरिटेज वॉक: जनपद की प्राचीन धर्मशालाओं और आश्रमों को हेरिटेज वॉक के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए धर्मशालाओं को चिन्हित कर उनके रिनोवेशन की रूपरेखा तैयार होगी ताकि विदेशी पर्यटकों को आकर्षित किया जा सके।
- अन्य विकास कार्य:
- ऋषिकुल मैदान में मदन मोहन मालवीय की मूर्ति स्थापित करना और एक स्थायी मंच का निर्माण करना।
- योग एवं आध्यात्मिक पर्यटन को प्रोत्साहन हेतु विशेष थीम आधारित विकास, गंगा तटों पर स्वच्छता व सुविधाएँ, और योग महोत्सवों, अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों का वार्षिक आयोजन।
- ’योग, ध्यान और आध्यात्मिक कल्याण के वैश्विक केंद्र’ के रूप में ब्रांडिंग।
- प्रमुख मंदिरों और विरासत स्थलों के भ्रमण के लिए 1-2 दिवसीय सिटी हेरिटेज बस सेवा शुरू करना।
- आयुष विभाग के सहयोग से 20 शहरी युवा योग क्लबों की स्थापना की योजना।














