उत्तराखंड मानवाधिकार आयोग में पटवारी परीक्षा ‘तहलका’ पर याचिका दायर

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​हरिद्वार के एडवोकेट अरुण भदोरिया और उनके सहयोगियों कमल भदोरिया, श्रीमती सुमेधा भदोरिया एडवोकेट (पत्नी श्री अनिरुद्ध प्रताप सिंह), और चेतन भदोरिया (LLB अध्यनरत) ने उत्तराखंड राज्य मानवाधिकार आयोग में राज्य के मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव गृह के विरुद्ध एक याचिका दायर की है।

  • याचिकाकर्ताओं का दावा: उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) द्वारा आयोजित पटवारी परीक्षा में, किसी भी अधिकारी या आयोग की संलिप्तता के बिना, राज्य के कुछ व्यक्तियों ने इसे “तुल देकर पूरे देश हिंदुस्तान में तहलका मचाया”
  • ईमानदार अधिकारियों की सराहना: याचिका में राज्य के ईमानदार पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की छवि को गिराने पर चिंता व्यक्त की गई है। इसमें UKSSSC के अध्यक्ष श्री गणेश सिंह मार्तोलिया (पूर्व डीआईजी) और मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की कर्मठता और ईमानदारी की सराहना की गई है।
  • लीक की घटना पर स्पष्टीकरण: याचिका में बताया गया है कि पेपर लीक के आरोप खालिद नाम के एक व्यक्ति पर लगे, जिसके विरुद्ध कार्रवाई की गई और उसे जेल भेजा गया, लेकिन शासन या UKSSSC के किसी कर्मचारी की संलिप्तता नहीं मिली
  • युवाओं को भड़काने का आरोप: याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि उत्तराखंड के सीधे-साधे युवाओं को सच्चाई से अवगत नहीं कराया गया और उन्हें इस मामले में तूल देने के लिए भड़काया गया, जिसका परिणाम एक विशाल आंदोलन के रूप में सामने आया।
  • मानवाधिकारों का उल्लंघन: याचिका में कहा गया है कि कुछ गैर-जिम्मेदार व्यक्तियों ने ईमानदार अधिकारियों की छवि को गिराकर राज्य के मानवों के अधिकारों का जानबूझकर उल्लंघन किया है।
  • जांच की मांग: याचिकाकर्ताओं ने मानवाधिकार आयोग से मांग की है कि आंदोलन करने वाले नेताओं के मोबाइल नंबरों की जांच कराई जाए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि युवाओं को किसके द्वारा बहलाया व भड़काया गया। साथ ही, मुख्यमंत्री धामी और अध्यक्ष मार्तोलिया को निशाना बनाने की साजिश के सभी षड्यंत्रकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।