पुलिस स्मृति दिवस: शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि, 186 जवानों को किया याद
हरिद्वार। पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर पुलिस लाइन रोशनाबाद में शहीद स्मारक पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल सहित सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने पुष्प चक्र भेंटकर शहीद हुए पुलिस जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
एसएसपी ने बताया कि 1 सितंबर 2024 से 31 अगस्त 2025 तक की अवधि में पूरे भारत में पुलिस एवं अद्धैसैनिक बलों के 186 जवान शहीद हुए, जिनमें उत्तराखंड के 4 जवान भी शामिल थे। एसएसपी ने शहीदों के कर्तव्य पालन एवं आत्म-बलिदान की सराहना की और कहा कि उनका बलिदान सदैव याद रखा जाएगा और प्रेरणा देता रहेगा।
सीपीयू अधिकारियों ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ मनाई दीपावली
हरिद्वार। चंद्राचार्य चौक पर ड्यूटी प्वाइंट पर तैनात पुलिसकर्मियों और यातायात व्यवस्था में जुटे सीपीयू कर्मियों ने एक-दूसरे के साथ दीपावली की खुशियां साझा कीं। सीपीयू इंचार्ज हितेश कुमार और ट्रैफिक इंस्पेक्टर राजेश ने मौके पर पहुंचकर कर्मियों को मिठाई खिलाई और उनके समर्पण की सराहना की।

सीपीयू इंचार्ज ने त्योहारों के दौरान जनता को सुरक्षित माहौल देने के पुलिस के मुख्य उद्देश्य पर जोर दिया। वरिष्ठ पत्रकार लव शर्मा और वासुदेव राजपूत ने भी पुलिसकर्मियों को बधाई दी और उनके मानवीय व समर्पित चेहरे की तारीफ की। इस पहल को पुलिस और समाज के बीच बेहतर संबंधों को दर्शाने वाला बताया गया।
ज्वालापुर पुलिस ने कोतवाली में आतिशबाजी और मिठाई बांटकर मनाया दीपावली जश्न

हरिद्वार। ज्वालापुर कोतवाली के पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने कोतवाली परिसर में अपने अंदाज में दीपावली का जश्न मनाया। पुलिसकर्मियों ने पटाखे, फुलझड़ियां और अनार जलाए तथा एक-दूसरे को मिठाई खिलाई।
कोतवाली प्रभारी कुंदन सिंह राणा ने बताया कि दीपावली के दौरान पुलिसकर्मी ड्यूटी पर तैनात रहकर सुरक्षा प्रदान करने का काम करते हैं। उन्होंने एसएसपी के निर्देशानुसार मुख्य बाजारों में सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए जाने की जानकारी दी। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने जमकर पटाखे फोड़े और स्थानीय लोगों ने भी पुलिस द्वारा आयोजित इस उत्सव की सराहना की।
जिला प्रेस क्लब ने किया दीपावली मिलन समारोह का आयोजन, पत्रकारिता की जिम्मेदारी पर बल
हरिद्वार। जिला प्रेस क्लब द्वारा दीपावली के अवसर पर एक दीपावली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ पदाधिकारियों ने मा लक्ष्मी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित करके किया।
अध्यक्ष राकेश वालिया ने सभी पत्रकारों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पत्रकार समाज में सत्य, निष्पक्षता और जागरूकता का प्रकाश फैलाते हैं। महामंत्री अनिल बिष्ट ने संगठन को एक परिवार बताते हुए इसे मजबूत करने की जिम्मेदारी प्रत्येक सदस्य की बताई। उपाध्यक्ष मनव्वर कुरैशी ने पत्रकार समाज का चौथा स्तंभ बताते हुए हितों की रक्षा के लिए क्लब की प्रतिबद्धता दोहराई। अंत में सभी पत्रकारों को उपहार वितरित किए गए।
स्वामी मोहनानन्द गिरी बनेंगे निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर

हरिद्वार। श्रीमां इच्छापूर्णी काली मंदिर के अध्यक्ष स्वामी मोहनानन्द गिरी महाराज को निरंजनी अखाड़े का महामंडलेश्वर बनाया जाएगा। श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने बताया कि 14 जनवरी को मकर संक्रांति के अवसर पर श्रीपंचायती अखाड़ा निरंजनी में आयोजित समारोह में उनका अभिषेक होगा।
रविंद्रपुरी महाराज ने स्वामी मोहनानन्द गिरी को विद्वान संत बताते हुए कहा कि वे सनातन परंपराओं को देश-विदेश में आगे बढ़ाएंगे। निरंजनी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रामरतन गिरी महाराज ने बताया कि 2027 के कुंभ मेले में भी कई युवा संतों को महामंडलेश्वर की उपाधि दी जाएगी।
दीपावली खुशियों का पर्व है: श्रीमहंत रविंद्रपुरी; कॉलेज में निःशुल्क पत्रकारिता कोर्स की घोषणा

हरिद्वार। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने दीपावली मिलन समारोह में सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दीपावली खुशियों का पर्व है और यह एकता व सौहार्द का प्रेरणादायी पर्व है।
उन्होंने युवा पीढ़ी से पाश्चात्य सभ्यता से दूर रहकर पर्वों में छिपे संदेश को आत्मसात कर भारतीय संस्कृति और संस्कारों को अपनाने का आह्वान किया। इस दौरान उन्होंने कॉलेज में युवा वर्ग के लिए निःशुल्क पत्रकारिता कोर्स शुरू किए जाने की घोषणा भी की। कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकारों ने भी विचार रखे।
पुलिस शांति के प्रहरी, नागरिकों के विश्वास का प्रतीक: स्वामी चिदानन्द सरस्वती
ऋषिकेश। परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने पुलिस स्मृति दिवस पर शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने विशेष रूप से 1959 में लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स में शहीद हुए वीर पुलिस कर्मियों की शहादत को याद किया।
स्वामी जी ने कहा कि पुलिसकर्मी वेतन के लिए नहीं, बल्कि वतन की रक्षा के लिए कार्य करते हैं और वे शांति के प्रहरी, व्यवस्था के रक्षक और नागरिकों के विश्वास का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि उनका हर जोखिम देशभक्ति की मिसाल है। स्वामी जी ने 1959 की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि सत्य और धर्म के मार्ग पर खड़े होना ही सबसे बड़ा साहस है और शहीद हुए पुलिसकर्मी असली नायक हैं।












